Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

पुणे पोर्शे कार केस: पुलिस की वो 5 बड़ी चूक, जिसके लिए कोर्ट में देनी होगी सफाई

Pune Porsche Car accident: महाराष्ट्र के पुणे में पोर्शे कार दुर्घटना मामले में आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल समेत सभी 6 आरोपियों ने कोर्ट ने 7 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। मामले को लेकर एक बड़ा दावा किया गया है, जिसमें काफी हद तक आरोपियों तक पहुंचने में देरी के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार बताया गया है। वहीं दूसरी ओर पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार का कहना है कि इस पूरे मामले में कोर्ट में पुलिस अपना पक्ष रखेगी।

पुणे के कार हादसे के सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बड़ी बात कही है। उन्होंने दावा किया की मामेल की निष्पक्ष जांच की जा रही है। हालांकि आरोप है कि घटना के बाद तत्काल कंट्रोल रूम को इसकी सूचना नहीं दी गई।

Pune Porsche Car accident

बता दें ही मामले में नाबालिग ने 18 मई की रात शराब के नशे में अपनी पोर्श कार से बाइक को टक्कर मारी थी। हादसे में मध्य प्रदेश के रहने वाले इंजीनियर अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी।

इस बीच केस की जांच कर रही पुलिस की बड़ी खामियां भी सामने आईं। दावा किया जा रहा है कि पुलिस इन्हीं का फायदा उठाकर बचने का भी प्रयास कर रहे हैं।

पुलिस जांच में कथित बड़ी खामियां-

  1. येरवडा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (पीआई) और सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) दुर्घटना के कुछ घंटों बाद दुर्घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन नियंत्रण कक्ष को सूचित करने में विफल रहे। जिसका मतलब यह हुआ कि रात भर डीसीपी संदीप सिंह गिल को घटना की जानकारी नहीं दी गई।
  2. दुर्घटना रविवार, 19 मई को लगभग 2.15 बजे हुई। घटनास्थल के वीडियो में किशोर को उसके दो दोस्तों के साथ भीड़ द्वारा तुरंत पकड़ा। लेकिन बाद में पुलिस को सौंप गया। जबकि सूत्रों ने कहा कि आरोपी नाबालिग के रक्त के नमूने अगले दिन सुबह 11 बजे तक नहीं लिए गए, लगभग आठ घंटे बाद। इस देरी से रक्त में अल्कोहल का स्तर कम हो सकता था।
  3. कानून के मुताबिक, किसी आरोपी को अपराध के बाद पुलिस हिरासत में लेते ही मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाना चाहिए।
  4. पुलिस अधिकारियों को एक बार, ब्लैक क्लब में सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला। सूत्रों ने कहा कि अगर घटना की रात अधिकारियों ने ब्लैक क्लब का दौरा किया होता, तो उन्हें महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते थे।
  5. ऐसी खबरें हैं कि आरोपी नाबालिग को पुलिस स्टेशन ले जाने के बाद बेहतर व्यवहार किया गया। एसीपी रैंक का एक अधिकारी वर्तमान में इन दावों की जांच कर रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि नाबालिग को पुलिस स्टेशन में पिज्जा परोसा गया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+