Pune Metro Update: पुणे मेट्रो को मिले ₹517 करोड़, फेज -2 और अंडरग्राउंड लाइन के काम को मिलेगी रफ्तार
Pune Metro Update: देश के आम बजट 2026 में पुणे मेट्रो के लिए ₹517 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इस आवंटन के बाद शहर के मेट्रो नेटवर्क के तेजी से पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। इस फंड का उपयोग फेज-1 के अधूरे काम पूरे करने, फेज-2 के नए कॉरिडोर शुरू करने और आधुनिक तकनीकी अपग्रेड में किया जाएगा। पुणे की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो प्रोजेक्ट को समय से पूरा किया जाना जरूरी है।
आम बजट में मिली बड़ी राशि के बाद उम्मीद की जा रही है कि शहर के अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलेगी। आईटी सिटी का लगातार विस्तार हो रहा है और कनेक्टिविटी के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाना जरूरी समझा जा रहा है।

Pune Metro Update: फेज-1 के अधूरे काम होंगे पूरे
- आवंटित राशि का बड़ा हिस्सा फेज-1 के 'मिसिंग लिंक' को पूरा करने में लगाया जाएगा। हाल ही में शुरू हुए स्टेशनों पर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
- इससे मेट्रो को बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन से जोड़ा जा सके। यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग, एंट्री-एग्जिट गेट, डिजिटल टिकटिंग और सुरक्षा ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
Pune Metro News: फेज-2 के विस्तार पर जोर
बजट से फेज-2 के प्रस्तावित रूटों को गति मिलेगी। खडकवासला-खराड़ी कॉरिडोर: यह लाइन शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को सीधे जोड़ेगी और आईटी हब तक पहुंच आसान बनाएगी।
पौड रोड-माणिक बाग रूट: कोथरुड और सिंहगढ़ रोड के बीच ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए यह खंड अहम साबित होगा। इन रूट पर सर्वे, डिजाइन और शुरुआती सिविल कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
Pune Metro: स्वारगेट-काटराज अंडरग्राउंड लाइन होगा पूरा
शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके स्वारगेट से काटराज के बीच 5.46 किमी लंबी भूमिगत लाइन पर काम तेज किया जाएगा। इस सेक्शन में गुलटेकड़ी (मार्केट यार्ड), साईनाथ नगर और काटराज-तीन प्रमुख अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे दक्षिण पुणे की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी। पुणे मेट्रो को ड्राइवरलेस ऑपरेशन और एडवांस सिग्नलिंग सिस्टम की ओर ले जाने की योजना है। इससे ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी, पीक आवर्स में भीड़ कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी।
एक्सपर्ट का कहना है कि केंद्र के साथ महाराष्ट्र सरकार की बराबर हिस्सेदारी से परियोजना को अतिरिक्त बल मिलेगा। हिंजवड़ी आईटी कॉरिडोर और पिंपरी-चिंचवाड़ औद्योगिक क्षेत्र तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से रोजगार, रियल एस्टेट और स्थानीय कारोबार को बड़ा फायदा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश पुणे को अगले पांच वर्षों में देश के सबसे आधुनिक मेट्रो शहरों में शामिल कर देगा।












Click it and Unblock the Notifications