प्रोबेशनरी IAS पूजा खेड़कर की मां की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत भेजा
महाराष्ट्र के पुणे की एक अदालत ने भूमि विवाद से जुड़े आपराधिक धमकी के मामले में प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को जमानत देने से इनकार कर दिया है। उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद सोमवार को मनोरमा को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया गया था। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि धारा 307 लागू नहीं होनी चाहिए। उनके वकील ने कहा कि मनोरमा को धारा 307 के तहत गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है। क्योंकि पीड़ित को कोई चोट नहीं लगी और पिस्तौल से गोली भी नहीं चली है।

आपको बता दें कि पुलिस ने मनोरमा को 18 जुलाई को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक लॉज से गिरफ्तार किया था। इसके बाद एक पुराना वीडियो सामने आया। जिसमें कथित तौर पर वह मुलशी तहसील के धडवाली गांव में जमीन विवाद को लेकर बंदूक से लोगों को धमकाती नजर आ रही थी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 2023 में शूट किया गया था।
खेडकर परिवार के पास महाराष्ट्र भर में संपत्तियां हैं। उन्होंने पुणे के मुलशी तहसील में 25 एकड़ जमीन खरीदी थी। इस जमीन के एक हिस्से पर पड़ोसी किसानों द्वारा अतिक्रमण किया गया था।
अदालत की कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि बचाव पक्ष की दलीलों में अंतरिम जमानत का उल्लेख नहीं किया था। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि जांच जारी है और इस मामले में अन्य आरोपी फरार हैं।
मामले की सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने मनोरमा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया है। इससे पहले शनिवार को आगे की जांच के लिए मनोरमा की पुलिस हिरासत 22 जुलाई तक बढ़ा दी गई थी।
पुलिस ने इस मामले में पूजा के पिता दिलीप खेडकर समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी ने मनोरमा से और जानकारी जुटाने के लिए उनकी हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया था।
अदालत ने यह फैसला मामले की सुनवाई के बाद दिया है। बचाव पक्ष ने कहा कि धारा 307 लगाने का कोई आधार नहीं है। क्योंकि कोई चोट नहीं लगी और न ही बंदूक चलाई गई।












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