Maharashtra: अटकलों पर लगा विराम, मीडिया के सामने आए अजित पवार, कहा- तबीयत थी खराब
महाराष्ट्र का सियासी संकट टल गया है। शनिवार को एनसीपी नेता अजित पवार मीडिया के सामने आए और सफाई दी।

महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ये खबर आई कि एनसीपी नेता अजित पवार फिर से गायब हैं। उन्होंने अपने सारे आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए और काफिला भी छोड़ दिया। इससे पहले 2019 में भी ऐसा किया था, उस वक्त उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली थी। हालांकि बाद में उन्होंने खुद मीडिया के सामने आकर सफाई दी।
जानकारी के मुताबिक एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे अजित ने पुणे में शुक्रवार और शनिवार को होने वाले अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। इसके बाद खबर आई कि उन्होंने पार्टी के कुछ विधायकों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई इसकी पुष्टि करने को तैयार नहीं था।
अजित शनिवार को खुद मीडिया के सामने आए और उन्होंने इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इस वजह से मैं आराम कर रहा था। ऐसे में कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। वहीं अडानी मामले पर अजित ने कहा कि मैंने टीवी पर शरद पवार का इंटरव्यू भी देखा। वो हमारे शीर्ष नेता हैं और अगर उन्होंने किसी विषय पर स्टैंड लिया है तो हम उस पर दोबारा चर्चा नहीं करेंगे। उनका जो स्टैंड होगा, वही हमारा होगा।
2019 में क्या हुआ था?
दरअसल 2019 में विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी और शिवसेना गठबंधन में सीएम की कुर्सी को लेकर फूट पड़ गई। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने अपना रास्ता अलग कर लिया। बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत नहीं था, इस वजह से उसको किसी सहयोगी दल की तलाश थी।
एनसीपी तो आधिकारिक तौर पर बीजेपी के साथ नहीं आई, लेकिन अजित पवार ने बगावत कर दी। उन्होंने कुछ विधायकों के साथ बीजेपी को समर्थन दिया और देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि अजित के पास डिप्टी सीएम का पद आया। हालांकि ये सरकार 72 घंटे के अंदर ही गिर गई।
शिवसेना में पड़ गई फूट
फडणवीस के जाते ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाविकास अघाड़ी की सरकार बनी, जिसमें शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी थी। पिछले साल जून में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे बागी हो गए। उन्होंने पार्टी के 40 से ज्यादा विधायकों को तोड़ा और बीजेपी के साथ सरकार बनाई। बीजेपी ने भी शिंदे को सीएम की कुर्सी दी, जबकि फडणवीस डिप्टी सीएम बने।












Click it and Unblock the Notifications