'हम सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर काम करेंगे', मोदी सरकार ने बताया भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से कब करेंगे बात?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट में है। गुरुवार (16 जुलाई) को सुनवाई के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कोर्ट से कहा कि सोनम वांगचुक की सेहत पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं। अगर मेडिकल टीम इलाज या किसी दूसरी मेडिकल मदद की सलाह देती है, तो सरकार तुरंत जरूरी कदम उठाएगी।
मोदी सरकार ने साफ-साफ कहा कि वो सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर काम करेंगे। यह बात उस याचिका की सुनवाई के दौरान कही गई, जिसमें सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए मेडिकल सुविधा देने की मांग की गई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक को लेकर दिया ये आदेश
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने केंद्र को सोनम वांगचुक की हेल्थ की रोजाना क्लिनिकल मॉनिटरिंग पक्का करने और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। बेंच ने कहा, "किसी भी नागरिक की जान कीमती है और हम उनको हर मेडिकल सुविधा देंगे।''
बेंच ने कहा,
"हम चाहते हैं कि इस व्यक्ति की सरकारी डॉक्टरों से रेगुलर मेडिकल जांच हो और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर, अगर किसी दवा की जरूरत हो, तो कृपया दखल दें। हर जान कीमती है।"
केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सोनम वांगचुक की हेल्थ पर पहले से ही सरकारी डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट नजर रख रहे हैं। उन्होंने बेंच को भरोसा दिलाया कि सोनम वांगचुक की हालत के आधार पर डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, जो भी मदद या दखल की जरूरत होगी, वह दी जाएगी।

कोर्ट ने कहा,
"हम सॉलिसिटर जनरल के स्टैंड की तारीफ करते हैं और यह निर्देश देते हैं कि वांगचुक की मेडिकल कंडीशन पर रोजाना क्लिनिकली नजर रखी जाए और जो भी मेडिकल मदद जरूरी हो, वह की जाए।"
याचिका में क्या मांग की गई?
दिल्ली हाई कोर्ट में यह जनहित याचिका वकील राकेश कुमार सैनी ने दाखिल की है। याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि सोनम वांगचुक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जरूरी मेडिकल इलाज उपलब्ध कराया जाए। इसमें जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करने और मेडिकल सलाह के आधार पर फोर्स-फीडिंग कराने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि वांगचुक की जान बचाने के लिए उन्हें तरल आहार के जरिए जरूरी पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल दिए जाएं।
19वें दिन कैसी है सोनम वांगचुक की तबीयत?
सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उनकी सेहत पर नजर रख रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में उनका वजन 500 ग्राम और घटकर 56.65 किलोग्राम रह गया है।
अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन 9 किलो से ज्यादा कम हो चुका है। उनका ब्लड प्रेशर 105/61 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन लेवल 97% दर्ज किया गया। उनका हाइड्रेशन ठीक है, और वे दिमागी तौर पर अलर्ट हैं।












Click it and Unblock the Notifications