महाराष्ट्र चुनाव के लिए नामांकन हुआ खत्म लेकिन 15 सीटों को लेकर अभी सस्पेंस है बरकार
Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन आज यानी 29 अक्टूबर को समाप्त हो चुका है। नामांकन खत्म होने के बाद भी भी लगभग 15 निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर स्थिति स्पष्ठ नहीं है। ये स्थिति सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी दोनों गठबंधनों में है।
सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति गठबंधन जिसमें भाजपा, शिवसेना के एकनाथ शिंदे का गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार का गुट शामिल है। उनके बीच चार सीटें हैं जिनके उम्मीदवारों के नाम का ऐलान नहीं किया गया है।
वहीं विपक्षी महा विकास अघाड़ी, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना खंड, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी गुट और कांग्रेस शामिल हैं,उनमें 11 सीटों का भाग्य अधर में लटका हुआ है।

महायुति गठबंधन
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महायुति में शामिल भाजपा ने 152 उम्मीदवारों की घोषणा की है, जबकि अजित पवार ने 53 और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट वाली शिवसेना ने 80 नामों का ऐलान किया है। इसमें गठबंधन में शामिल सहयोगियों को आवंटित सीटें शामिल हैं, जिसमें भाजपा चार सीटें और शिवसेना दो सीटें साझा शेयर की है।महाविकास अघाड़ी गठबंधन
वहीं दूसरी तरफ विपक्षी महा विकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने 103 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं वहीं उद्धव ठाकरे के शिवसेना खेमे और शरद पवार की एनसीपी दोनों से 87 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया हैं। अभी 11 सीटों को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है।
भाजपा के विरोध के बावजूद एनसीपी ने नवाब मलिक को बनाया उम्मीदवार
दोनों गठबंधनों में अनिश्चितता सिर्फ़ सीटों के आवंटन तक सीमित नहीं है बल्कि राजनीतिक गुटों के भीतर उथल-पुथल देखी गई है। जैसे अजीत पवार की एनसीपी ने भाजपा के विरोध के बावजूद नवाब मलिक को आखिरी दिन अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
इतना ही नहीं नवाब मलिक ने मनखुर्द सीट के लिए दो नामांकन दाखिल किए थे। एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में और दूसरा एनसीपी के उम्मीदवार के तौर पर। ऐसा इसलिए हुए क्योंकि अजित पवार द्वारा उम्मीदवारी को लिए फैसले से पहले उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवारी भर दी थी।
मुंबादेवी सीट उम्मीदवार को लेकर भाजपा में विरोध
इसी तरह महायुति गठबंधन में शामिल एकनाथ शिंदे की शिवसेना के टिकट पर मुंबादेवी के लिए भाजपा प्रवक्ता शाइना एनसी की उम्मीदवारी का जमकर विरोध हुअ क्योंकि भाजपा के पूर्व विधायक शाह ने इस सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी की हुई थी।
बता दें लंबे समय से दोनों गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर आंतरिक कलह का अनुभव चल रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति द्वारा अपने मामलों को बेहतर ढंग से मैनेज करने के बावजूद, उम्मीदवार चयन पर सस्पेंस अंत तक जारी रहा।












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