Nagpur Row Update: नागपुर के कई इलाके से हटा कर्फ्यू, CM बोले, स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल
Nagpur Row Update: नागपुर में हुई हिंसा के बाद कई इलाके में लगे कर्फ्यू को अब पूरी तरह से हटा लिया गया है। बता दें कि शहर के कई इलाके में 17 मार्च को भड़की हिंसा के कारण पुलिस अधिकारियों ने 11 स्थानों पर कर्फ्यू लगाए थे।
वहीं स्थानिय प्रशासन द्वारा गणेशपेठ और यशोधरा नगर थाना क्षेत्र में लगे सभी प्रतिबंध भी हटा लिए गए हैं।

Nagpur Row Update: 5 जोन में हटाए गए कर्फ्यू
पहले शुरुआती दौर में नंदनगांव और कपिलनगर में कर्फ्यू खत्म किया गया इसके बाद 5 अलग-अलग जोन के हिसाब से लोगों को ढील दी गई। हालांकि, संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती रहेगी और गश्त भी जारी रहेगी। इससे पहले 22 मार्च को पचपावली, शांतिनगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामवाड़ा पुलिस थाना क्षेत्रों कर्फ्यू हटा लिया गया था।
नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। कहीं भी कोई तनाव नहीं है और सभी धर्मों के लोग सद्भावना से रह रहे हैं। अब कर्फ्यू की कोई जरूरत नहीं है, इसलिए इसे हटा दिया गया है।"
Nagpur Row Update: दंगाईयों से की जाएगी नुकसान की भरपाई, CM फडणवीस
हिंसा के पांचवें दिन शनिवार को महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई दंगाइयों की संपत्ति बेचकर वसूल की जाएगी। जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा- पीड़ितों को जल्द ही नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिन्होंने पुलिस पर हमला किया, उनके खिलाफ कठोर से कठोर धाराएं लगाई जाएंगी। उन्होंने विपक्ष के आरोप पर कहा कि हिंसा इंटेलिजेंस फेल्योर या राजनीतिक साजिश नहीं थी।
सीएम फडणवीस ने महिला कॉन्स्टेबल से छेड़छाड़ की खबर को अफवाह करार देते हुए बताया कि लेडी कॉन्स्टेबल के साथ छेड़छाड़ की खबर सच नहीं है अफवाह है हालांकि उन पर पत्थर जरूर फेंके गए थे।
Nagpur Row Update: हिंसा में शामिल कई लोग गिरफ्तार
नागपुर में भड़की हिंसा में शामिल लोगों की पहचान स्थानिय पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए कर रही है। पुलिस के मुताबिक दर्जनों आरोपियों की पहचान किया गया है और पुलिस हिरासत में लिया गया है। नागपुर पुलिस के मुताबिक अब तक दंगे भड़काने के मामले में 105 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि स्थानिय प्रशासन हिंसा के आरोपियों को पकड़ने के लिए साइबर सेल और सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। हिंसा को हवा देने में यूट्यूब, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का बड़ा योगदान था।












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