मुंबई BMC नहीं इस शहर में CM फडणवीस ने पत्नी और मां संग डाला वोट, मतदान के बाद क्या बोलीं खूबसूरत अमृता?
महाराष्ट्र की 29 महानगपालिका के लिए 15 जनवरी को वोटिंग हुईं। मुंबई महानगरपालिका चुनाव जो बीएमसी चुनाव के नाम से ज्यादा लोकप्रिय है वहां पर बॉलीवुड समेत मुंबई की जानी-मानी हस्तियों ने वोट डाला। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी पत्नी अमृता फडणवीस और मां के साथ नागपुर महानगरपालिका चुनाव में मतदाान किया।

सीमफडणवीस परिवार ने अपनी उंगलियों पर लगी स्याही मीडिया को दिखाई। वहीं मतदान के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मतदाताओं से स्पष्ट शब्दों में कहा, "लोगों को प्रैक्टिकली सोचना चाहिए कि कौन सी पार्टी विकास कर रही है और उनके घरों में तरक्की ला रही है। यह देखकर ही वोट दें।"
अमृता फडणवीस ने चुनाव को 'लोकतंत्र का पर्व' बताया। उन्होंने आगे कहा, "यह 'लोकतंत्र का पर्व है' और इस पर्व में सभी को हिस्सा लेना चाहिए। मुझे लगता है कि सभी को वोट देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह हमारे देश का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।"
वहीं महाराष्ट्र में चुनाव के बाद उंगली पर लगी स्याही के मिटने की शिकायतों के बीच, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मतदान में प्रयुक्त 'मार्कर पेन' पर आपत्ति जताई है। जिस पर नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए मतदान करने के बाद, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर किसी भी तरह का संदेह करना अनुचित बताया।
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के 'मार्कर पेन' संबंधी आरोपों पर फडणवीस ने कहा कि चुनाव संबंधी सभी निर्णय निर्वाचन आयोग लेता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पेन अभी ही नहीं, बल्कि विगत में भी कई बार इस्तेमाल किया गया है। फडणवीस ने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी को मार्कर पेन से आपत्ति है, तो आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यहां तक सलाह दी, "यदि विरोधियों को शंका है, तो आयोग दूसरा पेन इस्तेमाल करे। उसे भी छोड़ दें, मैं तो कहता हूं, ऑइल पेंट का इस्तेमाल करना चाहिए।" उन्होंने विश्वास जताया कि इस चुनाव में भाजपा की जीत निश्चित है और उनके विरोधी अभी से अपनी हार के बहाने ढूंढने का अभ्यास कर रहे हैं।
'पॅड युनिट' को लेकर आरोपों पर फडणवीस ने बताया कि कुछ नेताओं ने इसे 'पाडू युनिट' का नाम दिया है। हालांकि, यह प्रणाली अचानक नहीं लाई गई, बल्कि राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यूनिट से प्राप्त डेटा का उपयोग केवल तभी होगा जब मतगणना के दौरान मशीनें बंद पड़ जाएं।












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