Mumbai Traffic Jam: मुंबई के इस बिजी इलाके को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, ठाणे-बेलापुर रोड बनेगा सिग्नल फ्री
Mumbai Traffic Jam: नवी मुंबई में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। नवी मुंबई नगर निगम की आम सभा में ठाणे-बेलापुर रोड को सिग्नल-फ्री बनाने के उद्देश्य से कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से आने वाले समय में लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मंजूर परियोजना के तहत ठाणे-बेलापुर मार्ग पर राबाले, पावने और तुरभे जैसे प्रमुख जंक्शनों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
इसके अलावा, पाम बीच रोड पर 'एंड ऑफ जंक्शन' के पास, खासकर नगर निगम मुख्यालय के नजदीक एक ट्विन-टनल अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रैफिक सिग्नल की जरूरत काफी हद तक खत्म हो जाएगी और यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।

Mumbai Traffic Jam: नवी मुंबई का इलाका होगा जाम से फ्री
- दरअसल, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अटल सेतु और प्रस्तावित ऐरोली क्रीक ब्रिज जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
- सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में यहां भारी जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
- इस बैठक में सदन के नेता सागर नाइक ने दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए एक 30:70 लागत-साझाकरण मॉडल (Hybrid Annuity Model) के तहत परियोजना को लागू करने की जानकारी दी।
- साथ ही, दूसरा तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति से जुड़ा। इन प्रस्तावों को महापौर सुजाता पाटिल ने मंजूरी दे दी।
Thane Belapur Road: विपक्ष ने परियोजना पर उठाए सवाल
हालांकि, विपक्ष ने इस परियोजना की लागत और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। द्वारकानाथ भोईर समेत कई सदस्यों ने आरोप लगाया कि परियोजना की कुल लागत, ठेकेदार और तकनीकी विवरण साझा नहीं किए गए हैं। उन्होंने इसे दोबारा विस्तृत जानकारी के साथ पेश करने की मांग की। बावजूद इसके, सत्ताधारी दल ने अपने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव को पारित कर दिया।
Thane Belapur Road Project: हाइब्रिड मॉडल से तैयार होगा प्रोजेक्ट
वित्तीय दृष्टि से यह परियोजना 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' (HAM) के तहत लागू होगी, जिसमें कुल लागत का 30% हिस्सा शुरुआती चरण में दिया जाएगा, जबकि शेष 70% राशि काम पूरा होने के बाद 10 वर्षों में किस्तों में चुकाई जाएगी। इससे नगर निगम पर तत्काल वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। अगर यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो ठाणे-बेलापुर रोड पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और नवी मुंबई में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बन सकेगी।












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