Mumbai AQI Today: प्रदूषण बढ़ने के बाद मुंबई में सख्ती, बीएमसी ने शुरू की कड़ी निगरानी, कितना है आज AQI?
Mumbai AQI Today: सर्दियों की दस्तक के साथ मुंबई की हवा एक बार फिर खराब होने लगी है। सुबह उठते ही शहर के कई इलाकों में हल्की धुंध की चादर दिखी। सुबह मुंबई का AQI 128 दर्ज किया गया, जो साफ बताता है कि हवा में धूल और धुएं की मात्रा बढ़ गई है। ऐसे माहौल में अस्थमा के मरीजों, दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
इसी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बीएमसी ने शहर में सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हर वार्ड में उड़न दस्ते तैनात कर दिए गए हैं, जिनका काम है-प्रदूषण फैलाने वाली हर गतिविधि पर तुरंत रोक लगाना और नियम तोड़ने वालों पर बेझिझक कार्रवाई करना। शहर में बढ़ता प्रदूषण अब सिर्फ मौसम की परेशानी नहीं, बल्कि एक चेतावनी बन चुका है कि अगर हालात न सुधरे तो आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।

PM 2.5 का स्तर 68 और PM 10 का स्तर 90 रहा, जो साफ दिखाता है कि हवा में महीन कणों की मात्रा बढ़ गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसी हवा फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों, दिल के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए परेशानी पैदा कर सकती है।
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प्रदूषण रोकने के लिए बीएमसी की सख्त तैयारी
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए, बीएमसी ने हर वार्ड में खास उड़न दस्ते तैनात कर दिए हैं। ये टीमें तुरंत कार्रवाई करेंगी अगर कोई व्यक्ति या संस्था प्रदूषण-नियंत्रण नियमों का पालन नहीं करती। बीएमसी ने पहले ही 28 गाइडलाइन जारी की हैं ताकि सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। सिटी की एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर डॉ. अश्विनी जोशी ने सभी टीमों को बिना किसी छूट कड़े नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
AQI 200 पार होने पर लागू होगा GRAP-4
डॉ. जोशी ने बताया कि अगर AQI लगातार कुछ दिनों तक 200 से ऊपर रहता है, तो GRAP-4 लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत भारी प्रदूषण फैलाने वाली कंस्ट्रक्शन साइट्स और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को बंद किया जा सकता है। बीएमसी का कहना है कि शहर की हवा लगातार खराब होती है तो आपात कदम उठाना जरूरी है।
बीएमसी कर रही कई अहम पहलें
कमिश्नर भूषण गगरानी की निगरानी में बीएमसी कई काम कर रही है-
- बेकरी और शवदाह गृहों को साफ ईंधन पर शिफ्ट करना
- इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना
- धूल कम करने के लिए मिस्टिंग मशीनों का इस्तेमाल
- कंस्ट्रक्शन मटेरियल का वैज्ञानिक निपटान
15 अक्टूबर 2024 को जारी नियमों में कहा गया है कि हर निर्माण स्थल पर घेराबंदी, ग्रीन कपड़ा कवर, पानी का छिड़काव, मलबे की सुरक्षित ढुलाई और एयर-क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है।
उड़न दस्तों की जिम्मेदारियां
हर वार्ड का उड़न दस्ता दो इंजीनियरों और एक पुलिस अधिकारी की टीम होगा। इनके पास ट्रैकिंग सिस्टम वाला वाहन भी रहेगा। ये टीमें-
- कचरा या लकड़ी जलाने पर रोक लगाएंगी
- निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण सिस्टम की जांच करेंगी
- एयर-क्वालिटी सेंसर और LED डिस्प्ले सही काम कर रहे हैं या नहीं, यह देखेंगे
बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें और हवा साफ रखने के प्रयासों में साथ दें।
सर्दियों में फिर बढ़ी धुंध और परेशानी
तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद शहर और उपनगरों में धुंध की परत देखी जा रही है। हवा में मौजूद धूल और धुएं ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ा दिया है, जिससे सर्दियों में सांस संबंधी समस्याएँ बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती के साथ जनता का सहयोग भी जरूरी है, तभी हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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