Mumbai AQI Today: मुंबई को मिली जहरीली हवा से राहत! मॉर्निंग वॉक पर कितना हो रहा AQI का असर?
Mumbai AQI Today: लगभग पूरे एक महीने तक मुंबई की हवा लगातार खराब होती रही। धुंध, धूल और प्रदूषण के बीच शहर के लोगों को आंखों में जलन से लेकर सांस फूलने तक की परेशानियां झेलनी पड़ीं। नवंबर में कई इलाकों में AQI 150 से 200 तक पहुंच गया था, जिससे दिनभर हवा भारी महसूस होती थी और सुबह-शाम स्मॉग की परत साफ नजर आती थी। लेकिन अब हालात बदलने लगे हैं।
दिसंबर के दूसरे हफ्ते में हवा की गुणवत्ता में साफ सुधार दिखा है। गुरुवार को CPCB के समीर ऐप पर शहर का कुल AQI 99 दर्ज किया गया, जो "सैटिस्फैक्टरी" श्रेणी में आता है। महीने भर से जिस राहत का इंतजार किया जा रहा था, वह अब धीरे-धीरे हकीकत में बदलती दिख रही है। कई इलाकों में हवा पहले से काफी साफ हुई है और एक बार फिर लोगों को खुलकर सांस लेने का मौका मिल रहा है।

मुंबई में कल की हवा की स्थिति
- 10 दिसंबर शाम 8:58 बजे तक मुंबई का रियल-टाइम AQI "मॉडरेट" स्तर 93 पर दर्ज किया गया।
- तापमान: 28.2 डिग्री सेल्सियस
- मौसम: बादल
- PM2.5: AQI 53 (संतोषजनक)
- PM10: AQI 73 (मॉडरेट)
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर संवेदनशील लोगों के लिए हल्की सांस से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकता है।
इलाका-वार हवा में सुधार, पवई में AQI 'गुड'
- बुधवार को शहर के कई इलाकों में हवा पहले के मुकाबले काफी बेहतर रही।
- बोरीवली, अंधेरी, कुर्ला, मानखुर्द, सिद्धार्थ नगर, वर्ली और विले पार्ले में AQI 56 से 92 के बीच रहा, यानी "सैटिस्फैक्टरी" स्तर पर।
- पवई ने सबसे बेहतर हवा दर्ज की, जहां AQI 36 रहा, जो "गुड" श्रेणी में आता है।
- पिछले एक महीने में यही स्थान 150-200 AQI तक पहुंच गए थे, जिनमें बोरीवली, मानखुर्द और वर्ली सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले क्षेत्र रहे।
2025 का एयर क्वालिटी डेटा
CPCB और BMC के आंकड़ों के अनुसार, मुंबई ने 2025 में अब तक-
- 55 दिन 'गुड',
- 161 दिन 'सैटिस्फैक्टरी',
- 112 दिन 'मॉडरेट',
- और 1 दिन 'पुअर' AQI दर्ज किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर का लक्ष्य आने वाले महीनों में "सैटिस्फैक्टरी" दिनों की संख्या को और बढ़ाना है।
निर्माण स्थलों पर कार्रवाई, लाखों का जुर्माना
प्रदूषण रोकने के लिए BMC ने दिसंबर में नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम उठाए-
- 191 शो-कॉज नोटिस
- 78 स्टॉप-वर्क नोटिस
और पिछले दो महीनों में 4,000 से ज्यादा उल्लंघनकर्ताओं से ₹45 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
अधिकांश कार्रवाई निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों के पालन न करने पर की गई।
हवा सुधारने के लिए नई योजना
- शहर में हरी पट्टियों को बढ़ाने और तेजी से प्रदूषण कम करने के लिए BMC ने बांस आधारित योजना तैयार की है।
- बांस की नर्सरी स्थापित करने का प्रस्ताव विभिन्न क्षेत्रों के लिए रखा गया है।
- अधिकारियों के अनुसार, बांस घास की प्रजाति होने के कारण जल्दी बढ़ता है और इसे आसानी से लगाया जा सकता है।
- इससे शहर में ग्रीन बफर जोन तेजी से तैयार किए जा सकेंगे, जो हवा को साफ करने में मदद करेंगे।
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