Mumbai News: हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब मुंबई बनेगी वर्ल्ड क्लास सिटी, झुग्गियों को लेकर दिया यह निर्देश
Mumbai News: मुंबई को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार की जरूरत पर केंद्र और राज्य सरकार जोर दे रही है। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि शहर में बेहतर सुविधाओं और परिवहन साधनों की जरूरत है। हालांकि, शहर के अलग-अलग हिस्सों में बनी अवैध बस्तियां और स्लम एक बड़ी समस्या है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने अवैध झुग्गियों पर सख्त टिप्पणी की है। इसके बाद से सवाल उठ रहे हैं कि मायानगरी में जगह-जगह बनीं अवैध झुग्गियों को हटाया जाएगा।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि अगर मुंबई को एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शहर बनाना है, तो सरकार और उसके निकायों को कुछ कठोर कदम उठाने होंगे। कोर्ट ने कहा कि 2011 के बाद बने अवैध झोपड़ों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी। अदालत ने टिप्पणी में कहा कि झोपड़पट्टियों का अनियंत्रित विस्तार शहर के विकास में गंभीर बाधा पैदा कर रहा है।

Mumbai News: अवैध बस्तियों को हटाने पर कोर्ट की टिप्पणी
-सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि मुंबई की झोपड़पट्टियां घनी और आपस में जुड़ी हुई हैं। प्रशासन के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कब कोई इलाका पूरी तरह झोपड़ों से भर गया।
-कोर्ट ने सरकार से कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए उसे प्रगतिशील सोच और ठोस नीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
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-हाई कोर्ट ने मानखुर्द इलाके का उदाहरण देते हुए पूछा कि 2011 की तय सीमा के बाद बने अवैध झोपड़ों के खिलाफ सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।
-सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने जवाब दिया कि 2011 के बाद बने झोपड़ों को किसी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया गया है।
-इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में मुंबई को वर्ल्ड-क्लास सिटी बनाना चाहती है, तो उसे स्लम विस्तार पर तुरंत नियंत्रण करना होगा।
Mumbai में अवैध बस्तियां हैं बड़ी समस्या
महाराष्ट्र स्लम एक्ट, 1971 की समीक्षा से जुड़ी सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई 2024 को बॉम्बे हाईकोर्ट को इस कानून की स्वत: समीक्षा करने का निर्देश दिया था। बड़ी संख्या में स्लम पुनर्विकास परियोजनाएं सालों से अटकी पड़ी होने की वजह से कोर्ट ने यह आदेश दिया था। फिलहाल हाईकोर्ट में स्लम एक्ट के तहत 1600 से ज्यादा मामले लंबित हैं। कोर्ट ने कहा कि इन मामलों का निपटारा होना चाहिए। साथ ही, अवैध झोपड़ों पर सख्त कार्रवाई मुंबई के संतुलित विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम होगा।
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