Mumbai Monorail अचानक क्यों दो घंटे फंसी? 150 यात्रियों की सांसें अटकीं! ‘दम घुट रहा था, हाल-बेहाल’—आपबीती
Mumbai Monorail Breaks Down Reasons: मुंबई में मूसलाधार बारिश ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को तांडव मचाया, और उसी बीच एक मोनोरेल ट्रेन मैसूर कॉलोनी और भक्ति पार्क स्टेशनों के बीच फंस गई। करीब 150 यात्री दो घंटे तक ऊंचे ट्रैक पर अटकी ट्रेन में फंसे रहे, जहां बिजली गुल होने से न AC चला और न ही दरवाजे खुले। 'हाल-बेहाल था, दम घुट रहा था,' यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाई।
मुंबई फायर ब्रिगेड ने स्नोर्कल वाहनों और क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। यह हादसा कैसे हुआ, और यात्रियों ने क्या-क्या झेला? आइए, जानते हैं...

Why Monorail Breaks Down: कैसे अटकी मोनोरेल?
19 अगस्त 2025 को शाम 6:15 बजे, मुंबई की मोनोरेल चेंबूर और भक्ति पार्क के बीच मैसूर कॉलोनी स्टेशन के पास अचानक रुक गई। कारण? बिजली आपूर्ति में 'मामूली खराबी'। लेकिन यह खराबी यात्रियों के लिए आफत बन गई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) के जॉइंट कमिश्नर आस्तिक पांडे ने बताया कि मोनोरेल की क्षमता 109 मीट्रिक टन थी, लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण यह ओवरलोड हो गई। एक मोड़ पर बिजली का कनेक्शन टूटा, और आपातकालीन ब्रेक लगने से ट्रेन रुक गई।
चार कोच वाली यह ट्रेन ऊंचे ट्रैक पर एक मोड़ पर फंस गई। बिजली न होने से AC बंद, दरवाजे जाम, और अंदर गर्मी-सघनता से यात्रियों का बुरा हाल। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भी नाकाम रहा।
Monorail Passenger Story: यात्रियों की आपबीती- 'दम घुट रहा था'
एक यात्री ने बताया कि 'दो घंटे तक अंधेरे में फंसे रहे। AC बंद, हवा नहीं, सांस लेना मुश्किल हो गया। बच्चे रो रहे थे, बुजुर्गों की हालत खराब थी। बाहर बारिश, ऊपर ट्रैक-लग रहा था कहीं फंस गए हैं।' एक अन्य ने बताया कि मेरे साथ मेरी 5 साल की बेटी थी। गर्मी और घबराहट से वह डर गई। फोन की लाइट से एक-दूसरे को हिम्मत दे रहे थे। रेस्क्यू में इतना वक्त क्यों लगा?
रेस्क्यू ऑपरेशन: कैसे बची जान?
हादसे की सूचना मिलते ही BMC के आपातकालीन नंबर 1916 पर कॉल्स की बाढ़ आ गई। फायर ब्रिगेड ने तीन स्नोर्कल वाहनों और क्रेन की मदद से रेस्क्यू शुरू किया। यात्रियों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर निकाला गया। पहले MMRDA ने दूसरी मोनोरेल से ट्रेन को स्टेशन तक खींचने की कोशिश की, लेकिन ब्रेक जाम होने से नाकाम रहे। इसके बाद क्रेन और सीढ़ियों से यात्रियों को उतारा गया।
रेस्क्यू के बाद यात्रियों को घर पहुंचाने के लिए चार बसें लगाई गईं। वडाला-चेंबूर लाइन पर सिंगल लाइन के जरिए सेवाएं चालू रखी गईं। महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने X पर कहा, 'सभी यात्री सुरक्षित निकाले जाएंगे। MMRDA, फायर ब्रिगेड, और BMC मौके पर हैं। घटना की जांच होगी।' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की।
क्यों हुआ हादसा?
मुंबई में 18-19 अगस्त को 300-500 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने शहर की रफ्तार थाम दी। चेंबूर, वडाला, और दादर में 100-140 मिमी बारिश ने रास्ते और रेल ट्रैक डुबो दिए। MMRDA के अनुसार, मोनोरेल में क्षमता से ज्यादा यात्री थे, जिससे बिजली आपूर्ति में खराबी आई। बिजली कनेक्शन में "मैकेनिकल डिस्कनेक्ट" और आपातकालीन ब्रेक ने ट्रेन को जाम कर दिया।
Mumbai Rain: मुंबई का हाल- बारिश ने तोड़ी कमर!
- वॉटरलॉगिंग: चेंबूर, वडाला, सायन, माटुंगा, और अंधेरी में सड़कें पानी में डूबीं। मीठी नदी खतरे के निशान पर पहुंची, और क्रांति नगर स्लम से 400-500 लोगों को निकाला गया।
- Mumbai Local Train प्रभावित: सेंट्रल रेलवे की हार्बर और मेन लाइन पर ट्रैक डूबने से लोकल ट्रेनें 10-17 इंच पानी में रुकीं।
- हवाई सेवाएं: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों में 40 मिनट की देरी, 11 फ्लाइट्स डायवर्ट।
- IMD का रेड अलर्ट: मुंबई, ठाणे, रायगढ़, और पालघर में भारी बारिश का रेड अलर्ट। CM फडणवीस ने कहा, 'अगले 48 घंटे अहम हैं।'
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