Mumbai Metro: मेट्रो हादसे पर 'शिंदे' का हंटर, इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार पर 6 करोड़ जुर्माना, 5 गिरफ्तार
Mumbai Metro slab collapse: मुंबई के मुलुंड में मेट्रो लाइन-4 के निर्माण कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बेहद गंभीरता से लिया है। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, "विकास की कीमत मासूमों की जान देकर नहीं चुकाई जा सकती।" घटनास्थल का जायजा लेने और प्राथमिक रिपोर्ट देखने के बाद, डिप्टी सीएम शिंदे ने तत्काल प्रभाव से संबंधित कार्यकारी इंजीनियर (Executive Engineer) को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।
डिप्टी सीएम के इस कड़े रुख के बाद प्रशासन ने भी बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदारों पर 6 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका है और मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इंजीनियर पर गिरी गाज, जिम्मेदारी तय करने की कोशिश
मेट्रो लाइन-4 के इस प्रोजेक्ट में सुपरविजन की बड़ी कमी सामने आई है। डिप्टी सीएम के आदेश पर हुई इस सस्पेंशन की कार्रवाई ने विभाग में हड़कंप मचा दिया है। आमतौर पर निचले स्तर के कर्मचारियों पर गाज गिरती है, लेकिन इस बार सीधे 'एग्जीक्यूटिव इंजीनियर' को निशाने पर लेकर सरकार ने यह जता दिया है कि बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट में यह बात उभरकर आई है कि अगर पिलर और पैरापेट की समय पर जांच होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
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ठेकेदारों पर 6 करोड़ का जुर्माना और 5 गिरफ्तारियां
प्रशासन ने केवल सस्पेंशन पर ही ब्रेक नहीं लगाया, बल्कि आर्थिक और कानूनी चाबुक भी चलाया है। निर्माण कार्य देख रहे ठेकेदारों पर 6 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मामले में धाराएं लगाते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें साइट मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज जैसे लोग शामिल हैं। सरकार का मानना है कि जब तक ठेकेदारों की जेब पर असर नहीं पड़ेगा और कानूनी डर नहीं होगा, तब तक सुरक्षा मानकों का पालन गंभीरता से नहीं किया जाएगा।
मुंबई मेट्रो साइट्स का होगा अब 'सेफ्टी ऑडिट'
मुलुंड की इस घटना के बाद डिप्टी सीएम ने पूरी मुंबई में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा की समीक्षा करने के आदेश दिए हैं। अब केवल मुलुंड ही नहीं, बल्कि हर निर्माणाधीन रूट का 'थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट' कराया जा सकता है। शिंदे प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बारिश या अन्य कारणों से ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। लोगों में भी इस हादसे के बाद काफी गुस्सा और डर है, जिसे शांत करने के लिए सरकार अब निर्माण स्थलों पर कड़े सुरक्षा घेरे और निगरानी की बात कर रही है।
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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
शनिवार की दोपहर मुलुंड इलाके में मेट्रो का काम चल रहा था, तभी अचानक पुल का एक भारी स्लैब (पैरापेट सेगमेंट) नीचे गिर गया। मलबे की चपेट में आने से वहां मौजूद लोग दब गए। अफरातफरी के बीच राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन दुर्भाग्य से एक शख्स की मौत हो गई। चश्मदीदों का कहना है कि धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग डर गए। यह घटना मेट्रो निर्माण में सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।












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