Mumbai Monorail: खुशखबरी, मायानगरी में फिर सरपट दौड़ेगी मोनोरेल, किस तारीख से हो रही शुरू?
Mumbai Monorail: मुंबई के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर सामने आई है। पिछले कई महीने से बंद चल रही मोनोरेल एक बार पटरियों पर सरपट दौड़ते के लिए तैयार है। सितंबर 2025 में मेनरोल में आई तकनीकी गड़बड़ी वाले हादसे के बाद मोनोरेल बंद कर दी गई थी। जिसे अब जल्द ही फिर शुरू किया जा रहा है जिसके बाद मुंबईकर फिर मोनोरेल से यात्रा कर सकेंगे।
पहली मोनोरेल की मुंबई में कब हुई थी शुरुआत?
मुंबई में पहली मोनोरेल 2 फरवरी 2014 को ट्रैक पर दौड़ी थी। यह दिन मुंबई के परिवहन इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज है। मोनोरेल को शहर के पूर्वी हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

क्यों बंद की गई थी मुंबई मोनोरेल?
दरअसल, 2025 में एक के बाद एक दो अलग-अलग स्थानों पर मोनोरेल भारी बारिश में बीच रास्ते में अटक गई थी, जिस पर सवार यात्री फंस गए थे जिन्हें क्रेन लगाकर सुरक्षित बचाया गया था। जिसमें वडाला स्टेशन के पास मोनोरेल बीच ट्रैक पर रुक गई थी, जिसके बाद 17 यात्रियों को इमरजेंसी निकासी के जरिए सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा था। इस घटना के बाद सेवा की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर सवाल उठे थे। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसका संचालन रोक दिया गया था। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभाग ने सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं।
मुंबई मोनोरेल कब हो रही शुरू?
MMRDA (मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण) से मिले ताजा अपडेट के अनुसार, मोनोरेल सेवा मई से दोबारा शुरू की जाएगी। फिलहाल चेंबूर-वडाला-जैकब सर्कल कॉरिडोर पर सेवाएं बहाल करने की तैयारियां जोरों पर हैं। मोनोरेल सर्विस को तकनीकी और सुरक्षा मुद्दों के कारण बंद किया गया था। अब चेंबूर-वडाळा-जैकब सर्कल कॉरिडोर पर नई गाड़ियाँ, सिग्नलिंग और टेलीकॉम सिस्टम की जांच जारी है। इन सभी टेस्टों को पूरा करने के बाद मोनोरेल सर्विस शुरू होगी।
10 नए मोनोरेल रेक का ट्रायल रन जारी
अब दोबारा संचालन शुरू करने से पहले सभी तकनीकी और इंजीनियरिंग खामियों को दूर किया जा रहा है और पूरे सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 10 नए मोनोरेल रेक का ट्रायल रन जारी है।
19.54 किमी रूट पर सेवा बहाल होगी
इसके साथ ही सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन सिस्टम की इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी बाधा दोबारा सामने न आए। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही सेफ्टी ऑडिट पूरा होगा और आवश्यक सुरक्षा प्रमाणन मिल जाएगा, यात्रियों के लिए मोनोरेल के दरवाजे खोल दिए जाएंगे। सेफ्टी ऑडिट के बाद ही 19.54 किमी रूट पर सेवा बहाल होगी।
नया कंत्राट और संचालन व्यवस्था
मोनोरेल सञ्चालन और रख-रखाव के लिए नए कंत्राटदार की नियुक्ति का भी प्रस्ताव है। "Power Make Projects" जैसी कंपनियों ने इस काम के लिए निविदा लगाई है और अगले पांच वर्षों के लिए मोनोरेल संचालन का ठेका मिलने की संभावना है। इससे सेवा की गुणवत्ता और नियमित संचालन में सुधार होने की उम्मीद है।
मोनोरेल के संचालन और रखरखाव पर कितना आता है सालाना खर्च?
गौरतलब है कि मोनोरेल के संचालन और रखरखाव पर सालाना करीब 296 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, इसलिए प्रशासन इस बार बिना किसी जोखिम के पूरी तैयारी के साथ सेवा शुरू करना चाहता है।












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