Mumbai Metro: मुंबईकरों के लिए खुशखबरी! 33.5 किमी. लंबे मेट्रो रूट यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
Mumbai Metro Line-3: मुंबईवासियों के लिए मेट्रो एक बड़ी राहत की खबर है। सार्वजनिक परिवहन के लिहाज से मेट्रो सेवाएं एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प बन गया है। गणेश उत्सव के दौरान भी यात्रियों के लिए मेट्रो बेहतरीन सुविधा के तौर पर उभरकर सामने आई। शहर की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो परियोजना मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) ने बताया है कि सितंबर के आखिरी में यह पूरी तरह से एक्टिव हो जाएगी।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन सूत्रों के मुताबिक, लाइन-3 का अंतिम सेगमेंट, जो वोरली (आचार्य अत्रे चौक) से कफ परेड तक फैला है। सितंबर 2025 के अंत तक यात्रियों के लिए खोलने की योजना है। अगर कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की ओर से निर्धारित समय पर मंजूरी मिल जाएगी, तो 30 सितंबर तक यह लाइन पूरी तरह से परिचालन में आ जाएगी।

Mumbai Metro के 33.5 किमी. रूट पर रोजाना 2 लाख यात्री करेंगे सफर
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, एक्वा लाइन कुल 33.5 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 27 स्टेशन होंगे। यह मेट्रो लाइन कोलाबा, बांद्रा और सीप्ज़ (SEEPZ) जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ेगी। परियोजना का लक्ष्य है कि दक्षिण मुंबई से उत्तरी उपनगर तक सफर को सुगम बनाया जाए। मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि इस लाइन के शुरू होने से चर्चगेट, सीएसएमटी, वोरली, बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स और अंधेरी जैसे इलाकों के बीच यात्रा समय में 40 से 50 फीसदी तक की कमी आएगी। इससे सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने का अनुमान है।
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Mumbai Metro Line-3 होगी पूरी तरह से अंडरग्राउंड
मेट्रो लाइन-3 का पूरा रूट अंडरग्राउंड है। अंडरग्राउंड मेट्रो होने के अलावा यह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से लैस है। यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए इस रूट पर हर 4 से 5 मिनट में नई ट्रेन उपलब्ध होगी। एमएमआरसी का अनुमान है कि इस रूट का परिचालन शुरू होने से रोजाना दो लाख यात्रियों को लाभ मिलेगा। इस रूट का अधिकतम किराया 70 रुपये रखा गया है, ताकि मध्य आय वर्ग के लोग भी इसका लाभ उठा सकें। साथ ही, मेट्रो को मुंबई शहर के बढ़ते प्रदूषण और गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने के लिहाज से भी जीवनदायिनी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
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