Mumbai Metro से भरेगी महाराष्ट्र सरकार की झोली, किराये के अलावा इन सबसे भी हो रही जमकर कमाई
Mumbai Metro: मुंबई मेट्रो अब शहरवासियों के लिए सिर्फ सफर का जरिया ही नहीं है। महाराष्ट्र सरकार के लिए यह कमाई का बड़ा साधन बन गई है। महाराष्ट्र सरकार मेट्रो से कमाई के लिए सिर्फ किराये पर ही निर्भर नहीं है। राज्य सरकार और मुंबई मेट्रो रेल डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने मेट्रो प्रोजेक्ट को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए गैर-टिकट राजस्व (Non-Fare Revenue) बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। विज्ञापन, शूटिंग और दूसरे तरीके से सरकार की अच्छी कमाई हो रही है।
सरकार का मानना है कि मेट्रो की आय सिर्फ किराए पर निर्भर नहीं रहेगी। सरकार का मानना है कि भविष्य में विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के लिए संसाधन जुटाने के लिए राजस्व बढ़ाने की रणनीति पर काम करना होगा। इसी वजह से अब विज्ञापन, रिटेल स्पेस, ब्रांडिंग और लैंड डेवलपमेंट जैसे विकल्पों से सालाना करोड़ों रुपये की कमाई की तैयारी है।

MMRDA ने किया है ब्रिटेन की एजेंसियों से संपर्क
हाल ही में एमएमआरडीए (MMRDA) ने ब्रिटेन की कई एजेंसियों के साथ संपर्क किया है। जैसे डिपार्टमेंट फॉर ट्रांसपोर्ट (Department for Transport) और क्रॉसरेल इंटरनेशनल (Crossrail International) के साथ समझौता किया है। इसके पीछे उद्देश्य है कि मुंबई मेट्रो के लिए टिकाऊ और लाभदायक बिजनेस मॉडल तैयार किया जा सके।
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Mumbai Metro से सरकार की कमाई का पूरा प्लान तैयार
⦁ विज्ञापन और ब्रांडिंग: मेट्रो कोच और स्टेशनों पर विज्ञापन, डिजिटल डिसप्ले और ब्रांडिंग राइट्स से करोड़ों की आय का लक्ष्य तय किया गया है।
⦁ रिटेल स्पेस लीजिंग: स्टेशनों के भीतर और आसपास दुकानों, कैफे और वाणिज्यिक स्पेस को किराए पर देकर लगातार कमाई हो रही है।
⦁ लैंड वैल्यू कैप्चर मॉडल: मेट्रो कॉरिडोर के पास जमीन की बढ़ती कीमत से टैक्स और डेवलपमेंट चार्ज के जरिए राजस्व कमाना।
⦁ ट्रांज़िट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट: स्टेशन के पास मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग्स, ऑफिस और मार्केट को विकसित कर कमाई बढ़ाना।
वित्त वर्ष 2024-25 में 122 करोड़ का गैर-राजस्व जुटाया गया
एमएमआरडीए (MMRDA) के आंकड़ों के मुताबिक मुंबई मेट्रो ने वित्त वर्ष में 2024-25 में करोड़ों रुपये का राजस्व जुटाया है। मेट्रो लाइन 2A और 7 ने वित्त वर्ष 2024-25 में ही ₹122 करोड़ का गैर-टिकट राजस्व जुटाया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 187% अधिक है। सरकार का अनुमान है कि नई योजनाओं से अगले कुछ वर्षों में यह कमाई कई गुना बढ़ सकती है। इस कदम से उम्मीद है कि मेट्रो किराए में बार-बार बढ़ोतरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ किफायती सफर मिलता रहेगा।
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