पांच साल की बेटी को बचाने के लिए डंडे लेकर खूंखार तेंदुए से भिड़ गई मां, दबे पांव खींचे चल जा रहा था वो
पांच साल की बेटी को बचाने के लिए डंडे लेकर खूंखार तेंदुए से भिड़ गई मां, दबे पांव खींचे चल जा रहा था वो
मुंबई, 18 जुलाई: रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर महाराष्ट्र के चंद्रपुर से सामने आई है। यहां एक मां अपनी पांच साल की बेटी की जान बचाने के लिए खूंखार तेंदुए से भिड़ गई। बता दें कि तेंदुए के जबड़े में फंसी अपनी बच्ची को बचाने के लिए इस बाहदुर मां ने डंडे से मुकाबला किया। तेंदुआ बच्चों को जिंदा छोड़कर वहा से भाग खड़ा हुआ। हालांकि, तेंदुए के हमले में बच्ची बुरी तरह घायल हो गई। बच्ची के चहरे और सिर पर गहरी चोटें आई हैं।

बता दें कि यह मामला चंद्रपुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित जुनोना गांव का है। जुनोना गांव की रहने वाली अर्चना मेश्राम अपनी पांच साल की बेटी प्राजक्ता के साथ गांव के पास बने नाले के करीब जंगली सब्जियां तोड़ने गई थी। इस दौरान अर्चना ने थोड़ी दूरी पर अपनी बेटी को बैठा दिया। बेटी प्राजक्ता बैठ कर खेल रही थी। इतने में दबे पांव एक तेंदुआ वहां आया और उसने अचानक बच्ची का सर अपने जबड़े से पकड़ा और उसे खींच कर लिए जाने लगा।
पहले तो अर्चना डर गई, लेकिन उसने खुद को संभाला और अपनी बच्ची को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गई। अर्चना ने पास में ही पड़ा एक डंडा उठा लिया और तेंदुए पर वार करना शुरू कर दिया। इस दौरान तेंदुए बच्ची को छोड़ दिया, लेकिन महिला पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि महिला ने किसी तरह तेंदुए के हमले से खुद को बचाया, लेकिन तेंदुए फिर से महिला से ध्यान हटाकर बच्ची पर झपट पड़ा और उसे जबड़े में फंसाया और घसीटते हुए वहां से ले जाने लगा।
ये नजारा देख महिला तेंदुए के पीछे पड़ गई और डंडे से उस पर लगातार वार करना शुरू कर दिया। तेंदुआ बच्चों को जिंदा छोड़कर वहा से भाग खड़ा हुआ। इस बारे में वन विभाग के एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में लड़की को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद वन विभाग के कर्मचारी बच्ची को चंद्रपुर सिविल अस्पताल ले गए, जहां से उसे बाद में नागपुर के एक सरकारी दंत अस्पताल में रेफर कर दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications