Chhagan Bhujbal Profile: बाल-बाल बचे छगन भुजबल, हेलीपैड की जगह कार पार्किंग में उतरा हेलीकॉप्टर, मचा हड़कंप
Chhagan Bhujbal: महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री, छगन भुजबल, शनिवार को एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए, दरअसल पुणे में उनका हेलीकॉप्टर अपने निर्धारित हेलीपैड के बजाय गलती से कार पार्किंग एरिया पर उतर गया, आपको बता दें कि यह घटना तब हुई जब भुजबल पुरंदर तालुका के खानवाड़ी गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुणे जिले में पहुंचे थे।
हालांकि मंत्री और हेलीकॉप्टर के पायलट, दोनों ही सुरक्षित हैं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खानवाड़ी गांव पहुंचने पर पायलट को पार्किंग एरिया में एक खाली जगह दिखाई दी।

उसने गलती से उस जगह को ही हेलीकॉप्टर उतारने के लिए तय जगह (लैंडिंग ज़ोन) मान लिया और वहीं हेलीकॉप्टर उतार दिया। बताया जा रहा है कि लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर के रोटर्स से उड़ी धूल की वजह से पायलट हेलीपैड को देख नहीं पाया। जिस एरिया में चॉपर उतरा था वो कार पार्किंग का एरिया था।
हेलीपैड की जगह कार पार्किंग में उतरा Chhagan Bhujbal का हेलीकॉप्टर
बाद में पुलिस ने पायलट को उसकी गलती के बारे में बताया, जिसके बाद हेलीकॉप्टर को सही जगह पर ले जाया गया लेकिन इस अचानक हुई लैंडिंग से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच डर का माहौल बन गया और थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि 'इस पूरी घटना की जांच कराई जाएगी।'

कौन हैं Chhagan Bhujbal?
आपको बता दें कि छगन भुजबल, महाराष्ट्र राजनीति का बड़ा नाम है, 15 अक्टूबर 1947 को महाराष्ट्र के नासिक में जन्मे भुजबल वरिष्ठ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता और वर्तमान 15वीं विधानसभा सदस्य हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री (1999-2003) और गृह मंत्री के रूप में कार्य किया है। छगन भुजबल माली (ओबीसी) समुदाय से आते हैं। उनका शुरुआती जीवन काफी साधारण रहा और उन्होंने मेहनत के दम पर राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
कई विवादों से भी जुड़ा है Chhagan Bhujbal का नाम
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत शिवसेना से की थी।बाद में वे शरद पवार के साथ जुड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हो गए। हालांकि छगन भुजबल का नाम कई विवादों में भी रहा है। साल 2016 में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी, कभी वो शरद पवार के काफी करीबी माने जाते थे लेकिन साल 2023 में शरद पवार द्वारा स्थापित पार्टी में विभाजन के बाद भुजबल अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो गए थे।












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