Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'मोदी सरकार आरोपियों को', मालेगांव ब्लॉस्‍ट के फैसेले पर ओवैसी आगबबूला, लगाए गंभीर आरोप

Malegaon Blast Case Verdict Owaisi reaction: महाराष्‍ट्र के मालेगांव ब्लास्‍ट केस में एनआईए की कोर्ट ने 31 जुलाई को जो फैसला सुनाया, उस पर बवाल मच चुका है। एनआईए की स्‍पेशल कोर्ट ने 17 साल पुराने केस में साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर समेत 7 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के अलावा इस मामले के आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित भी आरोपी थे।

कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने के फैसले पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी आगबबूला हो चुके हैं। उन्‍होंने कोर्ट के फैसले को निराशाजनक और कानून का मजाक बताते हुए मोदी सरकार और जांच एजेसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं साथ ही कई अहम सवाल उठाए हैं।

Malegaon Blast Case Verdict

क्‍या मोदी और फडणवीस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे?

ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया है कि क्‍या वो कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे? जिस तरह से 2006 मुंबई लोकल ट्रेन में हुए बम विस्‍फोट केस में बरी किए गए 12 आरोपियों के खिलाफ अपील की थी। क्या महाराष्ट्र के "धर्मनिरपेक्ष" राजनीतिक दल जवाबदेही की मांग करेंगे? उन छह नमाजी लोगों की हत्या किसने की?

मालेगांव विस्‍फोट केस में जांच एंजेसियों की भूमिका संदिग्ध

औवेसी ने अपनी पोस्‍ट में लिखा, "मालेगांव विस्‍फोट में छह नमाजी मारे गए और लगभग 100 लोग घायल हुए। उन्‍हें भी धर्म की वजह से निशाना बनाया गया। उन्‍होंने आरोप एनआईए, एटीएस जैसी जांच एजेंसियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनकी संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने लिखा, "जानबूझकर की गई घटिया जांच/अभियोजन पक्ष ही बरी होने के लिए ज़िम्मेदार है।

रोहिणी सालियन को क्‍याें किया याद?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2016 में इस केस में तत्‍कालीन अभियोजन रोहिणी सालियन के बयान की याद दिलाई जिसमें उन्‍होंने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया था कि एमआईए ने उनसे आरोतिायों के खिलाफ नरम रुख अपनाने को कहा था। औवेसी ने लिखा याद कीजिए साल 2017 में एनआईए ने साध्‍वी प्रज्ञा को बरी करने की कोशिश की थी, जो बाद में 2019 में सांसद बनीं।

ओवैसी ने करकरे का भी किया जिक्र

ओवैसी ने याद दिलाया कि करकरे ने मालेगांव में हुई साजिश का पर्दाफ़ाश किया था लेनिक दुर्भाग्य ये रहा कि 26/11 के हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा मारे गए। औवेसी ने करकरे की मौत के भाजपा के सांसद का बयान याद दिलाया जिसमें, भाजपा सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने करकरे को श्राप दिया था और उनकी मृत्यु उसी श्राप का परिणाम थी।

"यह मोदी सरकार का असली चेहरा है"

ओवैसी ने अपनी पोस्‍ट में अंत में कहा, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दोषी जांच अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा?" इस मामले का जवाब सभी को पता है। "यह मोदी सरकार का असली चेहरा है, जो आतंकवाद पर सख्ती दिखाने का दावा करती है, लेकिन दुनिया याद रखेगी कि इसने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया। यह घटना न केवल जांच प्रक्रिया की कमियों को सामने लाती है, बल्कि यह भी विचार करने पर मजबूर करती है कि क्या भारत में धार्मिक आधार पर हिंसा के पीड़ितों को कभी न्याय मिल पाएगा। ओवैसी ने आगे कहा कि मालेगांव जैसे मामलों के पीड़ित आज भी अपने न्याय के लिए जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह स्थिति देश में न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

क्‍या था मालेगांव विस्‍फोट केस?

29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए एक भयावह बम ब्लॉस्‍ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर की एक मस्जिद के पास खड़ी मोटरसाइकिल में यह विस्फोट हुआ था, जिसमें छह लोगों की जान चली गई और 101 लोग घायल हुए थे।

इस चर्चित मामले में भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी सात आरोपियों को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला "संदेह का लाभ" (benefit of doubt) के सिद्धांत पर आधारित है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को केवल शक के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। यह फैसला मालेगांव ब्लॉस्‍ट मामले की 17 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया पर विराम लग चुका है।

Take a Poll

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+