महायुति ने बहनों को 2100 रुपये देने का किया वादा, महाराष्ट्र चुनाव में गेम चेंजर साबित होगी ये योजनाएं
Maharashtra Assembly Election 2024: महराष्ट्र विधानसभा चुनाव से चंद महीने पहले सत्तारूढ़ महायुति सरकार द्वारा शुरू की गई लड़की बहन योजना ने लोकप्रियता के अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये। मुख्यमंत्री लड़की बहिन योजना के तहत राज्य की की दो करोड़ महिलाओं को लाभ हुआ है। शुरूआत होने के बाद से ही यह योजना लोकप्रियता के चरम पर है। अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महायुति के चुनावी घोषणा पत्र में इस योजना को लेकर एक और बड़ी घोषणा कर महिलाओं का दिल जीत लिया है।
मंगलवार को कोल्हापुर में आयोजित चुनावी सभा में मुख्यमंत्री शिंदे ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौजूदगी में चुनावी घोषणा पत्र का ऐलान किया। जिसमें महायुति सरकार ने बहुचर्चित मुख्यमंत्री लड़की-बहन योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को 1500 हजार रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये करने का वादा किया है इसके साथ ही 10 अन्य महत्वपूर्ण वादे किए हैं। उम्मीद है कि महायुति का ये घोषणापत्र आगामी विधानसभा चुनाव में गेम चेंजर साबित होने वाला है।

एकनाथ शिंदे के प्रतिनिधित्व वाली महायुति सरकार में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई प्रगतिशील नीतियों को लागू किया गया है। महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण विकास मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़कर 7 लाख हो गई है। प्रत्येक समूह के लिए धनराशि 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी गई।
'लखपति दीदी' योजना
इसके अलावा 'उमेद मार्ट' और 'ई-कॉमर्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' के माध्यम से 'लखपति दीदी' जैसी पहल ने 15 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।
पिछड़े वर्ग की लड़कियों के लिए फीस माफी योजना
'एआई योजना' 15 लाख रुपये तक के ऋण ब्याज पुनर्भुगतान को कवर करके पर्यटन में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है। शैक्षिक रूप से, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्य पिछड़े वर्गों की लड़कियों के लिए जिनके परिवार की वार्षिकआय 8 लाख रुपये तक है उनकी पूरी फीस माफी है।
वहीं एक योजना के तहत 18 साल की उम्र तक लड़कियों को एक लाख रुपए की राशि देने का वादा किया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि सरकारी दस्तावेजों में महिलाओं का नाम सबसे पहले करने का नियम लागू किया। जिससे सार्वजनिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में उनकी अहमियत और भी बढ़ गई है।
ई-पिंक रिक्शा योजना
ई-पिंक रिक्शा योजना का लक्ष्य 80 करोड़ के फंड के साथ 17 शहरों में 10,000 महिलाओं को सशक्त बनाना है, जिससे उनकी स्वतंत्रता और गतिशीलता बढ़ेगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवा पर भी ध्यान दिया गया है, जिसमें शुभमंगल विवाह पंजीकृत योजना के तहत सब्सिडी को 10,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया गया है, साथ ही स्तन और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए उपकरणों में महत्वपूर्ण निवेश किया गया है।
'हर घर नल, हर घाल जल' योजना
बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 'हर घर नल, हर घाल जल' योजना में देखा गया है, घरों में नल के पानी की पहुंच सुनिश्चित करती है, जो मुख्यमंत्री की अन्नपूर्णा योजना जैसी स्वास्थ्य पहलों का पूरक है। यह योजना पात्र परिवारों को सालाना तीन मुफ्त गैस सिलेंडर प्रदान करती है।
एकनाथ शिंदे सरकार ने घोषणा पत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वकर्स सशक्तिकरण के लिए उनके वेतन में बढ़ोत्तरी और बीमा कवर दिए जाने का वादा किया है।
25 हजार महिलाओं की पुलिस फोर्स में भर्ती
मुख्यमंत्री शिंदे ने चुनावी घोषणा पत्र में पुलिस बल में 25,000 महिलाओं को शामिल करने का साहसिक संकल्प लिया है, जो महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार के अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत पहल है।












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