'बंटेगे तो कटेंगे' नारे पर बंट गया महायुति! अजित पवार के विरोध पर जानें क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए नारे 'बटेंगे तो कटेंगे' पर महायुति में ही दो फाड़ हो चुकी है। मतदान से पहले महायुति गठबंधन के दोनों प्रमुख खिलाड़ियों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के देवेंद्र फडणवीस के बीच दरार पैदा हो गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता अजीत पवार ने कहा कि वह 'बटेंगे तो कटेंगे' नारे का समर्थन नहीं करते हैं वहीं महायुति गठबंधन में उनके सहयोगी भाजपा नेता फडणनवीस ने कहा कि नारे में कुछ भी गलत नहीं है। वहीं शुक्रवार को देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को 'बटेंगे तो कटेंगे' नारे पर अजित पवार की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कह कि अजित पवार को जनता की भावना को समझने में समय लगेगा।

जब जब बटे हैं तब गुलाम बने हैं
एएनआई को दिए इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने कहा विवादास्पद नारे का बचाव करते हुए इस बात पर जोर दिया कि यह एकता को लेकर दिया गया है। उन्होंने "'बटेंगे तो कटेंगे' का मतलब है कि सभी को एक साथ रहना होगा।" फडणवीस ने देश के इतिहास का हवाला देते हुए कहा "इस देश के इतिहास को देखें। जब जब बटे हैं तब गुलाम बने हैं। जब भी यह देश जातियों में, राज्यों में, समुदायों में विभाजित हुआ, हम गुलाम बन गए।"
"वो लंबे समय तक हिंदू विरोधी विचारधारा वाले लोगों के साथ थे"
एनसीपी प्रमुख अजित पवार द्वारा यूपी सीएम योगी के 'बटेंगे तो कटेंगे' नारे की आलोचना के जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने कहा "दशकों तक, अजीत पवार ऐसी विचारधाराओं के साथ रहे जो धर्मनिरपेक्ष और हिंदू विरोधी हैं। जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, उनमें कोई वास्तविक धर्मनिरपेक्षता नहीं है। वे ऐसे लोगों के साथ रहे हैं जिनके लिए हिंदुत्व का विरोध करना ही धर्मनिरपेक्षता है। उन्हें जनता के मूड को समझने में कुछ समय लगेगा।"
अजित पवार ने "बटेंगे तो कटेंगे" पर विरोध जताते हुए दिया ये तर्क
गौरतलब है कि सीएम योगी के बंटेंगे तो कंटेंगे नारे पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने असहमति व्यक्त की और कहा, "मैंने एक सार्वजनिक रैली और मीडिया साक्षात्कारों में बटेंगे तो कटेंगे अपनी असहमति व्यक्त की है। कुछ भाजपा नेताओं ने भी यही व्यक्त किया है। 'सबका साथ, सबका विकास' का मतलब है सबके साथ, सबके लिए विकास...अब, 'एक हैं तो सुरक्षित हैं...मैं इसे इस दृष्टिकोण से देखता हूं।"












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