'आपके पास वोट हैं, मेरे पास पैसे है', अजित पवार ने चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा दिया बयान, मचा बवाल
Maharashtra politics: महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने राज्य में निकाय चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के अलावा विपक्षी पार्टियां जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं। महाराष्ट्र में निकाय चुनाव को लेकर मचे दंगल में सभी नेता जनसभाओं में वोटरों को रिझाने के लिए तरह-तरह के चुनावी वादे कर रहे हैं।
वहीं इस चुनावी दंगल के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने मालेगांव में एनसीपी उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार करते समय ऐसा गयान दिया है, जिसने बड़ा रानजीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

मालेगांव में अजित पवार ने क्या दिया बयान?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार जिनके पास वित्त मंत्रालय भी है, वो एनसीपी उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने मालेगांव में नगर पंचायत चुनाव के दौरान दौरान पवार ने सीधे तौर पर कहा, "आपके पास वोट हैं, मेरे पास पैसे हैं। अगर हमारे उम्मीदवार जीतेंगे, तो मैं पैसे की कमी नहीं होने दूंगा; नहीं चुनेंगे, तो मैं भी आपकी मदद नहीं करूंगा।"
विपक्ष ने इसे खुली धमकी करार दिया
अजित पवार के इस बयान को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में, महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व विपक्षी नेता"खुली धमकी" और "सरकारी धन को निजी संपत्ति की तरह पेश करना" करार दिया। दानवे ने कहा 'वोट देना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, और विकास निधि उपलब्ध कराना सरकार का कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के लिए आवंटित धन जनता द्वारा दिए गए करों से आता है, न कि किसी नेता के निजी खजाने से। दानवे ने चुनाव आयोग से ऐसे बयानों पर गंभीरता से संज्ञान लेने का आग्रह किया।'
अजित पवार ने दी सफाई
हालांकि इस विवादित बयान पर विपक्षी नेताओं द्वारा घेरे जाने के बाद अजित पवार ने सफाई दी। उन्होंने कहा विरोधी पार्टियों को टिप्पणी करने का अधिकार है, लेकिन वे स्वयं केवल उन चीजों पर बात करते हैं जो वास्तविकता में होती हैं। पवार ने कहा "मैं नेताओं की बातों पर ध्यान देता बल्कि विकास कार्यों को प्राथमिकता देता हूं। विकास के लिए केंद्रीय हो या राज्य की निधि, उसका उचित उपयोग होना चाहिए और सभी को साथ लेकर चलना चाहिए।"
गौरतलब है कि मालेगांव में एनसीपी और भाजपा समर्थित दूसरे गुट के बीच स्थानीय स्तर पर गठबंधन के कारण चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है। पवार की यह टिप्पणी 2 दिसंबर को होने वाले आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रही है।












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