महानगरपालिका चुनाव से पहले अजित पवार ने दिखाए बगावती तेवर, भाजपा की कट्टर विरोधी पार्टी से साधा संपर्क
Maharashtra Municipal Election: महाराष्ट्र में 15 जनवरी 2026 को होने वाले महानगपालिका चुनाव से पहले उपमुख्यमंत्री अजित पवार अलग ही बगावती तेवर में नजर आ रहे हैं। हालांकि ये पहले से स्पष्ठ है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अजित पवार गुट की NCP पुणे नगर निगम चुनाव अलग-अलग लड़ेंगे लेकिन सत्ताधारी महायुति के घटक दल NCP के मुखिया अजित पवार ने भाजपा की कट्टर विरोधी पार्टी कांग्रेस के साथ नई खिचड़ी पकानी शुरू कर दी है।
अजित पवार ने विपक्षी कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन की दिशा में कदम बढ़ाया है। पीटीआई सूत्रों के अनुसार, अजित पवार ने रविवार रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सतेज पाटिल से फोन पर संपर्क किया। इस बातचीत में उन्होंने पुणे महानगरपालिका चुनाव में तालमेल और संयुक्त रणनीति पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, जिसमें सीट बंटवारा भी शामिल था।

हालांकि कांग्रेस नेता सतेज पाटिल के अनुसार पार्टी के भीतर गहन विचार-विमर्श के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं अजित पवार की इस पहल ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलों को हवा दे दी है।
क्या पुणे में कांग्रेस एनसीपी से करेगी गठबंधन?
हालांकि इंडिया टुडे में सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व पुणे नगर निगम में कम सीटों पर समझौता करने के मूड में नहीं है। पार्टी का मानना है कि पुणे लोकसभा सीट महाविकास आघाड़ी (MVA) के सीट बंटवारे के तहत कांग्रेस के खाते में है, और इस वजह से नगर निगम चुनाव में मजबूत प्रदर्शन उसकी जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए बेहद अहम है इसलिए कांग्रेस उन जगहों पर गठबंधन नहीं करेगी जहाँ उसे सीमित सीटों पर ही संतोष करना पड़े।
खबर है कि कांग्रेस 165 सीटों वाली पुणे नगर निगम परिषद में सम्मानजनक भागीदारी की मांग कर रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह बातचीत आगे बढ़ती भी है, तो सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस की 'सम्मानजनक हिस्सेदारी' की मांग ही सबसे बड़ी बाधा बन सकती है।
चाचा-भतीजे फिर एक बार आ सकते हैं साथ
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ अजित पवार पुणे चुनाव को लेकर कांग्रेस से संपर्क साध रहे हैं वहीं दूसरी ओर अपने चाचा शरद पवार की एनसीपी के साथ संभावनाएं तलाश रहे हैं। पुणे से मुंबई तक चर्चा है कि चाचा-भतीजे, यानी शरद पवार और अजित पवार एक बार फिर एक साथ आ सकते हैं।
पिछले कुछ समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के बीच एकजुटता की बातें चल रही थीं। वहीं अब खबर है कि आगामी नगर निगम चुनावों से पहले दोनों गुटों का विलय हो सकता है, जिससे यह कदम और भी महत्वपूर्ण बन गया है। न्यूज18मराठी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर गुप्त बैठकें संपन्न हो चुकी हैं। अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।












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