Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा में धमकी भरे मेल से दहशत, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
महाराष्ट्र विधानसभा से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया है। मुंबई स्थित विधान भवन को एक धमकी भरे ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की चेतावनी मिली है। यह सनसनीखेज मेल उस वक्त आया जब राज्य का महत्वपूर्ण बजट सत्र चल रहा है, जिसके चलते प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल को तैनात किया गया।
धमकी की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया। सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में लोगों की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया और विधान भवन के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी शुरू कर दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा संदेश राज्य विधानमंडल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भेजा गया था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट मोड पर ला दिया।

विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने इस घटना की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि धमकी भरा ईमेल सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर मिला था। इस ईमेल में केवल विधान भवन ही नहीं, बल्कि मुंबई के चार प्रमुख और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। ईमेल में दावा किया गया था कि मुंबई मेट्रो, अदालतें, विधान भवन और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर हमला किया जाएगा, जिससे पूरी आर्थिक राजधानी में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि विधान भवन परिसर में सुरक्षा जांच लगभग पूरी कर ली गई है। राहत की बात यह है कि लंबी तलाशी के बावजूद अभी तक परिसर के भीतर कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। मंत्री ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह किसी की शरारत या 'होक्स मेल' नजर आ रहा है, इसलिए किसी को भी घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस ईमेल के पीछे छिपे असली चेहरे की तलाश में जुट गई हैं। साइबर सेल की टीम उस आईपी एड्रेस और मेल के स्रोत को ट्रैक कर रही है, जहां से यह भेजा गया था। बजट सत्र के कारण विधान भवन में मंत्रियों और विधायकों की भारी मौजूदगी रहती है, ऐसे में सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा रहा है और अन्य तीनों ठिकानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
फिलहाल विधान भवन की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। हालांकि सदन की कार्यवाही और बजट सत्र की सुरक्षा को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या यह केवल एक शरारत थी या इसके पीछे किसी बड़े संगठन की साजिश है। पुलिस जल्द ही इस मामले में आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति और साफ कर सकती है।












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