Ahmednagar Railway Station: महाराष्ट्र सरकार ने अहमदनगर स्टेशन का बदला नाम, किस नाम से अब जाना जाएगा?
Ahmednagar Railway Station: महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार न अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम अब बदल दिया है। यह रेलवे स्टेशन लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के सम्मान में 'अहिल्यानगर' के नाम से जाना जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने नाम बदलने की अधिसूचना जारी की थी।
मध्य रेलवे ने इस बदलाव की पुष्टि करते हुए बताया कि पहले अहमदनगर के नाम से पहचाना जाने वाला स्टेशन अब आधिकारिक तौर पर अहिल्यानगर कहलाएगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि स्टेशन कोड में कोई बदलाव नहीं होगा और अहिल्यानगर का कोड 'एएनजी' ही रहेगा।

पिछले महीने, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि स्टेशन का नाम शहर के नए नाम के अनुरूप बदला जाए। शहर का नाम अहिल्यानगर रखे जाने के बाद से कई संगठन और नागरिक रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग कर रहे थे।
पहले, अहमदनगर के रूप में विभिन्न केंद्रीय विभागों में नाम दर्ज होने के कारण नागरिकों को सरकारी कार्यों में असुविधा हो रही थी, लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी से यह समस्या हल हो गई है।
स्टेशन कोड नहीं बदला जाएगा
सेंट्रल रेलवे ने बताया कि, पुणे मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन का नाम 'अहिल्यानगर' रखा गया है लेकिन हालांकि, स्टेशन कोड 'ANG' में कोई परिवर्तन नहीं होगा। यह निर्णय महाराष्ट्र सरकार की अधिसूचना और भारत के सर्वेयर जनरल के पत्र पर आधारित है।
कैसे पड़ा था अहमदनगर स्टेशन नाम?
अहमदनगर शहर का नाम 4 अक्टूबर 2024 को अहिल्यानगर करने का आदेश दिया गया था। सरकारी जानकारी के अनुसार, मजलक अहमद ने 1494 ईस्वी में निजामशाह की राजधानी शहर की स्थापना की थी, जिसे उनके नाम पर अहिल्या नगर के रूप में जाना जाने लगा।
चूंकि अहिल्या नगर शहर जिले का मुख्यालय था, इसलिए जिले को अहमदनगर (अहिल्या नगर) नाम दिया गया। पेशवा शासन के अंत के बाद, 1822 में अहिल्या नगर जिले का गठन हुआ। उस समय, इसकी सीमाएं वर्तमान नासिक जिले में वानी से लेकर सोलापुर जिले के करमाला तक फैली हुई थीं।
1869 में नासिक और सोलापुर जिलों के गठन के कारण, वानी और करमाला को अहिल्या नगर जिले से अलग कर दिया गया। फरवरी 1981 से, पुणे राजस्व प्रभाग के अहिल्या नगर जिले को नए नासिक राजस्व विभाग में शामिल किया गया है।
नाम बदलने का ऐलान कब हुआ था?
इस नामकरण की प्रक्रिया की शुरुआत अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के अवसर पर हुई थी। 31 मई 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चौंडी में घोषणा की थी कि अहमदनगर जिले का नाम अहिल्यानगर किया जाएगा। इसके बाद अहमदनगर महापालिका को नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित करने का निर्देश दिया गया।
प्रशासकीय शासन के दौरान, प्रशासनिक महासभा में नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित किया गया। बाद में, राजस्व और वन विभाग ने 8 अक्टूबर 2024 को अहमदनगर शहर, उपखंड और जिले का नाम अहिल्यानगर करने की अधिसूचना जारी की।
17 सितंबर बीड-अहिल्यानगर के बीच पहली ट्रेन
मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस यानी 17 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार अमळनेर-बीड के बीच नई रेलवे लाइन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बीड-अहिल्यानगर के बीच पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जाएगी, जो अहिल्यानगर-बीड-परली वैजनाथ नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन परियोजना का हिस्सा है।












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