मेरी लड़ाई तब तक खत्म नही होगी जब तक मैं पिता...', महाराष्ट्र चुनाव से पहले सुप्रिया सुले ने लिया ये प्रण
Maharashtra Assembly Elections: महाराष्ट चुनाव से पहले राज्य के दिग्गज नेता शरद पवार की सांसद बेटी ने अपने पिता की पार्टी और उसके चुनाव चिन्ह को लेकर बड़े प्रण का ऐलान किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सांसद सुप्रिया सुले ने उत्तर-पूर्व मुंबई के अणुशक्ति नगर में आयोजित महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की रैली के दौरान ये प्रतिज्ञा ली है। उन्होंने अपने पिता शरद पवार द्वारा स्थापित राजनीतिक पार्टी और उसके मूल चुनाव चिन्ह घड़ी को दोबारा हासिल करने का प्रण लिया है।
याद रहें 2023 में शरद पवार के भतीजे अजित पवार और आठ अन्य विधायकों ने बगावत कर एकनाथ शिंदे सरकार से हाथ मिलाकर सरकार में शामिल हो गए थे और तब चुनाव आयोग के आदेश के बाद शरद पवार से उनके द्वारा स्थापित की गई एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह धड़ी भी छिन गया था, इन दोनों पर अजित पवार गुट का कब्जा हो गया था।

चुनाव आयोग ने अजित पवार के नए गठबंधन को मूल पार्टी एनसीपी का नाम और उसका 'घड़ी' चिन्ह आवंटित किया। था। इ चुनाव आयोग के आदेश के बाद शरद पवार को अपनी पार्टी का नाम और चिन्ह भी अजित पवार गुट के कारण खोना पड़ा था।
शरद पवार को बदलना पड़ा था नाम और चुनाव चिन्ह
इसके बाद शरद पवार के गुट को एक नया पदनाम, एनसीपी (एसपी) और एक अलग प्रतीक, 'बांसुरी बजाता हुआ आदमी' मिला। हालांकि अभी ये मामला कोर्ट में हैं। अगर सुप्रिया सुले और सुप्रिया सुले अपने प्रयासों में सफल हो जाती हैं तो ये अजित पवार के लिए बड़ा नुकसान साबित होगा।
मेरी लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी...
वहीं अब महाराष्ट्र चुनाव से पहले सुप्रिया सुले ने रैली के दौरान कहा कि "मेरी लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी जब तक मैं अपने पिता शरद पवार को उनकी पार्टी और उसका चुनाव चिन्ह्म वापस नहीं दिला देती। सत्तारूढ़ भाजपा प्रतििनिधित्व वाले गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा अब उन लोगों को क्या हुआ जिन्हें नवाब मलिक से एलर्जी थी।"
नवाब मलिक के भाजपा से संबंध पर उठाए सवाल
सुले ने कहा जमानत पर रिहा होने के बावजूद, भाजपा के साथ नवाब मलिक का जुड़ाव अचंभित करता है। भाजवा वो ही पार्टी है जिसकी वजह से नवाब मलिक पर कानूनी कार्रवाई हुई थी। बता दें नवाब मलिक जिन्होंने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट का समर्थन किया है। नवाब मलिक जब अविभाजित एनसीपी में थे तब उन्हें संपत्ति हड़पने से जुड़े आरोपों के कारण गिरफ्तार किया गया था, जिसमें भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की बहन से कथित संबंध थे।
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