महाराष्‍ट्र चुनाव से पहले शरद पवार का बड़ा दांव- आरक्षण की 50 प्रतिशत लिमिट खत्‍म करने की कर दी बात

Maharashtra Elections 2024: महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव के करीब आते ही मराठा आरक्षण के मुद्दें पर फिर से सियासत शुरू हो चुकी है। लंबे समय से लंबित मराठा आरक्षण को लेकर मचे शोर के बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए मराठा समुदाय के आरक्षण पर अपना रुख साफ करते हुए बड़ा दांव चल दिया है।

बता दें मराठा को ओबीसी कोटे में आरक्षण दिए जाने की मांग लंबे से चल रही है वहीं चुनाव से पहले शरद पवार ने मराठा आरक्षण के बहाने आरक्षण की लिमिट को खत्‍म करने की पैरवी करते हुए एक तीर से दो निशाने साध दिए हैं। आइए जानते हैं कैसे?

Sharad Pawar

दरअसल, शरद पवार ने मराठा आरक्षण को किसी भी मौजूदा कोटे में शामिल करने की खिलाफत की है और साफ कहा है आरक्षण में मराठा आरक्षण के लिए अलग से व्‍यवस्‍था की जानी चाहिए। इसके लिए आरक्षण की मौजूदा 50 प्रतिशत लिमिट को खत्‍म कर देना चाहिए।

ओबीसी कोटे में नहीं चाहिए मराठा आरक्षण

शरद पवार ने कहा मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का विचार उचित है उन्हें इसमें कोई दोष नहीं दिखता लेकिन मराठा आरक्षण के लिए ओबीसी समुदाय को नुकसान नहीं होना चाहिए। मराठा समुदाय के लिए एक अलग कोटे की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए।

समाप्‍त होनी चाहिए आरक्षण की 50 प्रतिशत लिमिट

इसके साथ ही पवार ने कहा आरक्षण पर मौजूदा 50 प्रतिशत की लिमिट को समाप्‍त कर देना चाहिए। उन्‍होंने कहा आरक्षण सीमा का पुनर्मूल्यांकन कर आरक्षण की सीमा बढ़ाना चाहिए लेकिन इसके लिए कानून में बदलाव की आवश्यकता होगी।

शरद पवार ने चुनाव से पहले ओबीसी को किया खुश

राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी शरद पवार ने ऐसा बयान देकर जहां एक ओर ओबीसी कोटे में आने वाले वोटरों को खुश कर दिया है। उन्‍हें बता दिया है कि वो मराठाओं को आरक्षण को दिलाने के लिए वो और उनकी पार्टी ओबीसी के कोटे में अतिक्रमण करने के पक्ष में नहीं है।

शरद पवार मराठियों के बने हितैषी

वहीं महाराष्‍ट्र के मराठियों को बता दिया है कि वो हर हाल में उन्‍हें मराठा आरक्षण दिलवाना चाहते हैं, वो भी किसी कोटे में नहीं बल्कि उनके लिए अलग से आरक्षण की व्‍यवस्‍था के करवाना चाहते हैं। जिसके लिए वो कानून में बदलाव करवाना चाहते हैं ताकि आरक्षण की लिमिट बढ़ सके।

प्रकाश अंबेडकर ने भी की है ये मांग

बता दें वंचित बहुजन आघाडी (VBA) प्रमुख और अंबेडकर महासभा के संस्‍थापक प्रकाश अंबेडकर ने भी बीते सप्‍ताह ये की बात उठाई थी। उन्‍होंने साफ तौर पर कहा था ने भी ओबीसीसी कोटे में मराठा आरक्षण दिए जाने का विरोध किया था। उन्‍होंने कहा था ओबोसी कोटे में मराठा को आरक्षण नहीं चाहिए। यानी प्रकाश अंबेडकर ने भी आरक्षण की 50 प्रतिशत लिमिट बढ़ाए जाने की पैरवी की है।

मराठा को अलग से आरक्षण दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्‍होंने कहा था कि चुनाव से पहले मराठा आरक्षण के मुद्दें पर राजनीतिक दलों को अपना रुख स्‍पष्‍ट करना चाहिए।

कांग्रेस और राहुल गांधी का रुख

एनसीपी-एसपी नेता शरद पवार का ये बयान महा विकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस और राहुल गांधी का भी समर्थन करता है क्‍यों कि वो भी आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने के बारे में मुखर रहे हैं।

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महाविकास में सीट शेयरिंग पर किया ये खुलासा

वहीं आगामी चुनावों के बारे में पवार ने चुनावी तैयारियों में अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि सीटों के बंटवारे पर चर्चा एनसीपी-एसपी की ओर से जयंत पाटिल द्वारा की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि इस बार महाविकास अघाड़ी के सहयोगियों के बीच कोई मनमुटाव नहीं होगा।

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