Maharashtra: चुनाव से पहले बड़ा बवंडर, शरद पवार की NCP (SP) में जल्द विलय होगी ये बड़ी पार्टी
Maharashtra Chunav 2024: महाराष्ट्र विधानभा चुनाव की तारीखों की घोषणा चुनाव आयोग अब कभी भी कर सकता है। राज्य की 288 विधान सभा सीटों पर होने वाले चुनावों से पहले दिग्गज नेता शरद पवार की एनसीपी (एसपी) जल्द बड़ा धमाका करने वाली है। एक बड़ी राजनीतिक पार्टी का शरद पवार की पार्टी में विलय होने जा रहा है।
एनसीपी शरद गुट में विलय करने की तैयारी करने वाली ये पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) है। बीआरएस के प्रवक्ता अंकुश काकड़े ने स्वयं इस बात की पुष्टि की है।

6 अक्टूबर को पुणे के निसर्ग मंगल कार्यालय में होने वाला है जिसमें शरद पवार की एनसीपी एसपी में बीआरएस का औपचारिक विलय होगा। यह रणनीतिक कदम राज्य के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उठाया जा रहा है। ये विलय महाराष्ट्र के राजनीतिक में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा। खासकर महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में एनसीपी के लिए फायदेमंद है।
केसीआर की बीआरएस का एनसीपी (SP) में मर्जर
तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की पार्टी का एनसीपी (एसपी) में विलय का निर्णय बीआरएस महाराष्ट्र के राज्य मुख्य समन्वयक बालासाहेब देशमुख और एनसीपी नेता शरद पवार के बीच चर्चा के बाद लिया गया। चुनाव से पहले बीआरएस का पवार की पार्टी में विलय का निर्णय तेलंगाना में बीआरएस को मिली हार और महाराष्ट्र में इसके सीमित विस्तार के बाद लिया गया है।
बीआरएस समन्यवक ने विलय की बताई ये वजह
बीआरएस महाराष्ट्र के राज्य मुख्य समन्वयक बालासाहेब देशमुख ने कहा, "तेलंगाना विधानसभा चुनाव के बाद हमारे पार्टी नेता के. चंद्रशेखर राव का एक्सीडेंट हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसके बाद पार्टी की गतिविधियां, खासकर महाराष्ट्र में, रुक गईं। हमें लगा कि यह निर्णय लेना ज़रूरी है और अपने राज्य समन्वयकों से चर्चा के बाद हमने अपनी महाराष्ट्र इकाई का एनसीपी (एसपी) में विलय करने का फ़ैसला किया।"
अजित पवार के लिए क्यों ये बड़ा झटका
तेलंगाना की पूर्व सत्तारूढ़ के. चंद्रशेखर राव की बीआरएस का एनसीपी में मर्जर होना विपक्षी एनसीपी नेता अजित पवार के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले महाराष्ट्र में बीआरएस के नेता माणिक कदम और उनके समर्थक एनसीपी के अजित पवार गुट में शामिल हो गए थे। माणिक नेमहाराष्ट्र में बीआरएस नेतृत्व की कमी का हवाला दिया था। इसलिए, यह विलय न केवल महाराष्ट्र में एनसीपी की स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि राज्य की राजनीतिक ताकतों के भीतर ये बड़ा पुनर्गठन भी है।












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