Maharashtra Election 2024: 'भले अजित पवार की जीत, NCP मेरी ही है', जानें शरद पवार ने हार के बाद क्या-क्या कहा?
Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र चुनाव में महायुति के हाथों महा विकास अघाड़ी गठबंधन की करारी हार के बाद NCP-SP प्रमुख शरद पवार ने रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने माना कि नतीजे अप्रत्याशित थे और हार के पीछे के कारणों का विश्लेषण करने की कसम खाई।
पवार ने एक ब्रीफिंग में कहा, "हम कई सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं और हमें ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ। लेकिन अब जब हमें ऐसा अनुभव हुआ है, तो हम इस बारे में सोचेंगे, समझेंगे कि ऐसा क्यों हुआ और नए जोश के साथ लोगों के सामने जाएंगे।"

पवार ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक संयुक्त प्रयास था। "मैंने अभियान के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा किया, और चाहे वह हमारी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) हो या कांग्रेस, सभी ने सामूहिक रूप से काम किया। हालांकि, परिणाम हमारे प्रयासों से मेल नहीं खाते। कहीं भी समन्वय की कमी नहीं थी।" उन्होंने साफ किया कि चुनाव में अजित पवार की बड़ी जीत, लेकिन एनसीपी मेरी है। आइए जानते हैं शरद पवार ने आगे क्या कहा?
चुनाव नतीजों के बाद शरद पवार ने कहा:
- हार के बावजूद, शरद पवार ने अपने नेतृत्व पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि एनसीपी की स्थापना किसने की थी। हम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर फिर से संघर्ष करेंगे।"
- शरद पवार ने कहा कि पार्टी का ध्यान अब अगले चुनावों पर होगा।
- जनता के बीच संवाद: नए तरीके से अभियान चलाने पर जोर।
- हार अप्रत्याशित थी: शरद पवार ने माना कि यह हार चौंकाने वाली है और उन्होंने इसकी वजहों का गहराई से विश्लेषण करने की बात कही।
- साझा प्रयासों की सराहना: पवार ने कहा कि उनकी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), और कांग्रेस ने मिलकर मेहनत की, लेकिन नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे।
- लोगों के सामने नए जोश के साथ जाने का इरादा: उन्होंने भरोसा जताया कि एनसीपी जनता का भरोसा फिर से जीतने के लिए आगे काम करेगी।
- पार्टी को मजबूत करने की योजना: एनसीपी की मूल विचारधारा को जनता तक पहुंचाने का इरादा।
अजित पवार की सफलता
- अजित पवार के गुट को 41 सीटें मिलीं और वह भाजपा व एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
- महायुति की जीत: बीजेपी और एकनाथ शिंदे का गुट सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा।
- शरद पवार की पार्टी पिछड़ी: सिर्फ 10 सीटें जीतने के बाद शरद पवार का गुट कमजोर स्थिति में है।
शरद पवार का गुट क्यों हारा?
- शरद पवार ने हार के बाद कहा कि उनके गुट ने पूरी मेहनत की थी।
- राजनीतिक बंटवारे का असर: एनसीपी के बंटवारे का सीधा असर चुनाव नतीजों पर दिखा।
- सामूहिक प्रयास बेअसर: हालांकि कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने सहयोग किया, लेकिन मतदाताओं ने महाविकास अघाड़ी को नकार दिया।
- पिछले चुनाव से अंतर: लोकसभा चुनाव में एनसीपी को बड़ी सफलता मिली थी, लेकिन विधानसभा में यह प्रदर्शन दोहराया नहीं जा सका।
महाराष्ट्र चुनाव में अजित पवार का दबदबा स्पष्ट है, लेकिन शरद पवार ने यह दिखा दिया कि वे हार मानने वालों में से नहीं हैं। अब देखने वाली बात होगी कि एनसीपी का कौन सा गुट जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर पाता है।
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