'दही हांडी पर रोक' का विरोध करने वालों पर भड़के उद्धव, कहा- इन्हें केंद्र सरकार की चिट्ठी दिखानी चाहिए
महाराष्ट्र में दही हांडी कार्यक्रम पर रोक के फैसले से सियासत गर्मा गई है।
मुंबई, 31 अगस्त: कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों और महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच महाराष्ट्र में त्योहारों को लेकर राजनीति गर्मा गई है। दरअसल, प्रदेश की उद्धव ठाकरे सरकार ने महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए दही हांडी कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद भाजपा और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया। मनाही के बावजूद दही हांडी कार्यक्रम रखने पर पुलिस ने मनसे नेताओं सहित अलग-अलग लोगों के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन को लेकर कुल 6 एफआईआर भी दर्ज की है। वहीं, अब इस मामले को लेकर खुद महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने सामने आकर जवाब दिया है।

दही हांडी कार्यक्रमों पर रोक के फैसले को लेकर हो रहे विरोध पर जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर आम जनता की जान खतरे में डाल रहे हैं। उद्धव ठाकरे बोले, 'जो नेता आज इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वो ये जान लें कि खुद केंद्र सरकार ने भी कहा है कि देश में महामारी की तीसरी लहर आ सकती है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने ही राज्यों को चिट्ठी लिखकर सलाह दी है कि वो दही हांडी और गणेशोत्सव जैसे त्योहारों के दौरान भीड़ वाले आयोजनों को अनुमित ना दें। अब जो लोग इस फैसले का विरोध करना चाहते हैं, हमें उन्हें केंद्र सरकार की वो चिट्ठी दिखानी चाहिए।'
MNS नेता संदीप देशपांडे पर एफआईआर दर्ज
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, 'कुछ लोग कोरोना जैसे संकट के बीच महाराष्ट्र में यात्रा निकालना चाहते हैं, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ये लोग इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर आम आदमी की जान को खतरे में डाल रहे हैं।' आपको बता दें कि मंगलवार को इस संबंध में पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि दही हांडी कार्यक्रमों पर रोक के बावजूद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता संदीप देशपांडे ने एक आयोजन रखा, जिसे लेकर उनके खिलाफ दादर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा दही हांडी कार्यक्रम आयोजित करने पर अलग-अलग लोगों के खिलाफ अभी तक कुछ 6 मामले दर्ज किए गए हैं।












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