Maharashtra Chunav: छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर फंस गया महायुति? संभाजी राजे ने BJP पर उठाए सवाल
Maharashtra Chunav 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा इसी महीने होने की उम्मीद है। इस दौरान मराठा नेता संभाजी राजे ने मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा अबतक नहीं लग पाने को लेकर महायुति गठबंधन की अगुवा बीजेपी को घेर लिया है। उन्होंने सवाल किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 साल पहले जिसका जल-पूजन किया था, वह प्रतिमा अभी तक क्यों नहीं तैयार हो सकी है।
रविवार को संभाजी राजे अपने हजारों समर्थकों के साथ मुंबई पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद उन्हें उनके 50 समर्थकों और शिव-प्रेमियों के साथ गेटवे ऑफ इंडिया के उस स्थान पर जाने की अनुमति दी गई थी।

शिवाजी महाराज के स्मारक पर बीजेपी को घेरने की कोशिश
इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद (मनोनीत) ने बीजेपी को घेरते हुए पूछा, 'केंद्र और महाराष्ट्र दोनों जगहें (बीजेपी की) सरकारे हैं, लेकिन यह नहीं हो पाया है।' दरअसल, शिव स्मारक प्रोजेक्ट में देरी हुई है और लगता है कि मराठा नेता इसे चुनाव में भुनाने की तैयारी कर रहे हैं। संभाजी राजे कोल्हापुर राजघराने से जुड़े हैं और मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं।
महाराष्ट्र स्वराज्य पक्ष के साथ जुड़ चुके हैं संभाजी राजे
संभाजी राजे के पिता शाहू छत्रपति अभी कोल्हापुर सीट से कांग्रेस के सांसद हैं और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के बड़े नेता माने जाते हैं। दो साल पहले संभाजी राजे ने स्वराज्य संगठन नाम का एक समाजिक संगठन भी बनाया था।
इस बार विधानसभा चुनावों से पहले वे महाराष्ट्र स्वराज्य पक्ष के साथ जुड़ चुके हैं। उनका कहना है कि 24 दिसंबर, 2016 को पीएम मोदी ने जल-पूजन की प्रक्रिया की पूरी की थी, लेकिन आजतक शिवाजी महाराज की प्रतिमा की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची होगी शिवाजी महाराज की प्रतिमा
यह प्रतिमा अरब सागर में एक किलोमीटर दूर चट्टानी सतह पर बननी है, जहां से मरीन ड्राइव भी दिखेगा और एक तरफ ऐतिहासिक मालाबार हिल्स नजर आएगा तो दूसरी तरफ नरीमन प्वाइंट होगा। यह मूर्ति अपने आधार और फाउंडेशन के साथ 309 फीट की होगी और स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची होगी। तैयार होने पर यह मुंबई के टूरिस्ट स्पॉट में चार चांद लगा देगी।
दर्जनों और विभागों से मंजूरी के चक्कर में हुई देरी!
यह परियोजना इसलिए बहुत ही मुश्किल रही है, क्योंकि इसके लिए एक दर्जन से ज्यादा मंत्रालयों, विभागों और संगठनों से उचित मंजूरी लेने की जरूरत थी। इनमें इंडियन नेवी, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड, बीएचएन एस इंडिया, मत्स्य पालन विभाग, कोस्ट गार्ड, मुंबई पुलिस कमिश्नर, वन और पर्यावरण विभाग, एनएसजी, बीएमसी, बेस्ट और एयर पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि शामिल हैं।
यह प्रोजेक्ट 3,600 करोड़ रुपए का है, जिसमें 2,300 करोड़ रुपए पहले ही चरण में खर्च होने हैं। यह एक मेमोरियल होगा, जिसमें म्यूजियम, प्रदर्शनी वाली गैलरी, एम्पिथियेटर, हेलीपैड और अस्पताल भी होंगे। इस मेमोरियल में शिवाजी महाराज के किलों की प्रतिक्रितियाएं भी प्रदर्शित की जाएंगी।












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