महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार के लिए महायुति है तैयार! जानें किसे मिल रहा कौन सा मंत्रालय?
Maharashtra cabinet expansion: महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले रविवार (15 दिसंबर) को नागपुर में मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार लगभग 40 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलवाई जा सकती है।
बता दें 23 नवंबर को महाराष्ट्र चुनाव परिणाम घोषित हुआ लेकिन सीएम पद खींचतान के चलते 12 दिन बाद 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शपथ ली। वहीं नई सरकार के गठन के बाद विभागों को लेकर चल रही खींचतान के कारण मंत्रीमंडल का विस्तार भी अभी तक लटका हुआ है। हालांकि महायुति के सूत्रों के अनुसार मंत्रीमंडल का विस्तार 15 दिसंबर को जाएगा। आइए जानते हैं महाराष्ट्र में महायुति में शामिल किस पार्टी कौन-कौन से विभाग मिल रहे हैं।

महायुति में क्या होगा पावर शेयरिंग फॉमूला?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्रीमंडल में 18 से 22 मंत्री भाजपा से, 10 से 12 शिवसेना शिंदे गुट से और 8-10 एनसीपी अजित गुट से होंगे।
अहम मंत्रालय किसकी झोली में?
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार की रात सीएम देवेंद्र फडणवीस की डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार से हुई। जिसके बाद गृह मंत्रालय भाजपा के पास ही रहने की उम्मीद है, जबकि एकनाथ शिंदे को शहरी विकास विभाग दिया जा सकता है। अजित पवार ने वित्त विभाग में रुचि दिखाई है, लेकिन देवेंद्र फडणवीस भी गृह के साथ वित्त विभाग रखना चाहते हैं। अजित पवार से चर्चा के बाद भाजपा उन्हें ऊर्जा या आवास विभाग देने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, पार्टियों के बीच कुछ विभागों की अदला-बदली भी हो सकती है।
भाजपा को कौन सा मिलेगा मंत्रालय?
भाजपा गृह, कानून और न्याय, आवास विकास, ऊर्जा, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पर्यटन, राजस्व, कौशल विकास, सामान्य प्रशासन और जनजातीय मामलों जैसे प्रमुख विभागों को अपने पास रखने की इच्छुक है।
शिवसेना को कौन सा मंत्रालय मिलेगा?
शिवसेना शिंदे गुट को शहरी विकास, आबकारी, सामाजिक न्याय, पर्यावरण, खनन, जल आपूर्ति, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मिलने की संभावना है।
एनसीपी को कौन सा मिलेगा मंत्रालय?
एनसीपी अजित गुट को वित्त और योजना, खाद्य और आपूर्ति, एफडीए, कृषि, महिला और बाल विकास, खेल और युवा कल्याण, और राहत और पुनर्वास विभाग आवंटित किए जा सकते हैं। इन विभागों का रणनीतिक आवंटन महाराष्ट्र सरकार के भीतर संबंधित गुटों की बातचीत की क्षमता और राजनीतिक रणनीति को रेखांकित करता है।












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