सामने आया IAS Puja Khedkar मामले में नया फर्जीवाड़ा, गलत पते पर लिया था दिव्यांगता सर्टिफिकेट
Puja Khedkar IAS: पिछले कुछ वक्त से विवादों में घिरी महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि आईएएस पूजा खेडकर ने फर्जी पते के लिए फर्जी राशन कार्ड बनवाया था और इसी राशन कार्ड का इस्तेमाल करके विकलांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांगता सर्टिफिकेट) प्राप्त किया था।
यह मामला सामने आने के बाद पूजा खेडकर को जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटा दिया गया है। खबर के मुताबिक, पूजा खेडकर ने पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) हॉस्पिटल से फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाया था। इसके लिए उन्होंने अपना एड्रेस पिंपरी चिंचवाड़ को बताया था।

पूजा खेडकर ने अस्पताल को जो अपना एड्रेस प्रूफ में जो राशन कार्ड दिया था, उसमें उसके घर का पता प्लॉट नंबर 53, देहू-आलंदी, तलवडे था। हालांकि, जांच में अब यह बात निकलकर सामने आई है कि यह पता थर्मोवेरिटा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी का है, जो अब बंद हो चुकी है। यह कोई आवासीय संपत्ति नहीं है।
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खबर के मुताबिक, 24 अगस्त 2022 अस्पताल से जो प्रमाण पत्र पूजा खेडकर को जारी हुआ था, उसमें बताया गया था कि उनके घुटने में 7 प्रतिशत विकलांगता है। आपको बता दें कि थर्मोवेरिटा कंपनी के नाम पर एक ऑडी कार भी पंजीकृत है। पिंपरी-चिंचवड़ नगर पालिका के कर संग्रह विभाग के अनुसार, इस कंपनी पर पिछले तीन साल से 2.7 लाख रुपये का बकाया है।
इन आरोपों के अलावा पूजा खेडकर पर सत्ता का दुरुपयोग करने और अधिकारियों को धमकाने के भी आरोप हैं। मंगलवार शाम को पुणे में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसी) ने पूजा के पिता दिलीप खेडकर पर आरोप लगाते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 2020 तक महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) के निदेशक के रूप में रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की।
खेडकर ने खुद को निर्दोष बताया है और दावा किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप 'फर्जी' हैं। तो वहीं, अब ओबीसी-एनसीएल और विकलांगता सर्टिफिकेट को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद IAS पूजा खेडकर के ट्रेनिंग प्रोग्राम को रद्द कर दिया गया है।












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