राज ठाकरे के 'हिंदुत्व' का सामना पिता बाल ठाकरे की छवि से कर रहे उद्धव, बोले- मैं धोखा नहीं खाऊंगा
मुंबई, 02 मई। महाराष्ट्र में कई दशकों तक भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी रही शिवसेना ने जब प्रदेश में भाजपा से दामन छुड़ाकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार का सरकार का गठन किया तो उसके बाद से ही शिवसेना की हिंदुत्ववादी क्षवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी इस बात को समझती है कि शिवसेना के भाजपा से अलग होने के बाद उसके पास एक बड़ा मौका है कि वह प्रदेश में अपनी हिंदुत्ववादी छवि को आगे बढ़ा सके और भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ी हो सके। यही वजह है कि मनसे चीफ लगातार मस्जिदों पर लाउडस्पीकर का मुद्दा, हिंदुत्व, अयोध्या में राम मंदिर को लेकर बयान दे रहे हैं।

3 जून तक का अल्टिमेटम
मनसे चीफ ने पहले 3 मई तक का प्रदेश सरकार को अल्टिमेटम दिया है कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर को हटा लिया जाए। इसके बाद पार्टी ने चलो अयोध्या के पोस्टर मुंबई में लगाए हैं, जिसमे लोगों से अपील की गई है कि वह राज ठाकरे की पार्टी में शामिल हो, राज ठाकरे 5 जून को उत्तर प्रदेश के अयोध्या का दौरा करेंगे। जो पोस्टर मुंबई में चिपकाए गए हैं उसमे लिखा है, जय श्री राम, मैं सिर्फ अच्छा के लिए धार्मिक नहीं हूं। मैं धार्मिक हूं, चलो अयोध्या।
हम दोगुनी आवाज में बजाएंगे हनुमान चालीसा
राज ठाकरे ने रविवार को औरंगाबाद की रैली में एक बार फिर से मस्जिदों पर लाउडस्पीकर के मुद्दे को उठाया। राज ठाकरे ने कहा कि अगर लाउडस्पीकर को नहीं हटाया गया तो 4 जून से अजान की तुलना में दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा को बजाया जाएगा। राज ठाकरे ने कहा कि आज मई का पहला दिन है, मैं 4 के बाद कुछ नहीं सुनूंगा। हम जहां भी लाउडस्पीकर देखेंगे, हम भी हनुमान चालीसा बजाएंगे और वो भी अजान की आवाज की दोगुनी आवाज में। ठाकरे ने कहा कि लाउडस्पीकर धार्मिक नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा है। लेकिन अगर आप हमे रोकते हैं तो हम भी खड़े होंगे
लाउडस्पीकर के खिलाफ राज मुखर
राज ठाकरे ने कहा कि लाउडस्पीकर कानून के तहत नहीं हैं, ये गैरकानूनी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इसे गैरकानूनी कहा है। हम जब सभा करते हैं तो ये लोग कहते हैं कि यह शैक्षणिक जोन है, मंदिर जोन है, आप सभा नहीं कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए यह आपत्ति है। ये अधिकार किसने दिया। एक पत्रकार ने मुझसे पूछा था कि आप लाउडस्पीकर पर अब क्यों बोल रहे हैं, मैंने कहा कि मैं हनुमान चालीसा पढ़ेंगे और मुस्लिमों को इसे सुनना चाहिए। वह पत्रकार भी मुस्लिम था उसने कहा कि उसे भी लाउडस्पीकर से दिक्कत है, उसके बच्चे सो नहीं पाते हैं।
पुरानी छवि के दम पर उद्धव ठाकरे हमलावर
जिस तरह से मनसे लगातार हिंदुत्व से जड़े मुद्दे उठा रही है उसे शिवसेना बखूबी समझ रही है और इसका पलटवार बाला साहेब ठाकरे की छवि से कर रही है। उद्धव ने कहा कि भाजपा ने मेरे पिताजी को धोखा दिया था, लेकिन मुझे धोखा नहीं दे पाएंगे। मैं भाजपा को इन सब मुद्दों पर सफल नहीं होने दूंगा। मैं उनकी रणनीति और काम पर नजर रखता हूं। मैं इतनी आसानी से धोखा खाने वाला नहीं, मैं भाजपा के एजेंडे को बेहतर समझता हूं। महाराष्ट्र में हिंदू इतनी आसानी से धोखा खाने वाले नहीं। उद्धव ने कहा कि शिवसेना और भाजपा का गठबंधन हिंदुत्व के नाम पर था, शिवसेना ने विले पार्ले से अकेले दम पर चुनाव जीता था। उन दिनों भाजपा ने चुनाव में शिवसेना के उम्मीदवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारा था।
हम असली हिंदुत्व को मानने वाले
भाजपा और मनसे चीफ राज ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर हिंदुत्व के नाम पर राजनीति में नए खिलाड़ी आते हैं तो उनपर लोग आसानी से आसानी से ध्यान नहीं देंगे। कभी-कभी इन लोगों का काम मराठी भावना के जरिए शुरू होता है, कभी हिंदुत्व के नाम से। दो साल तक इनका ड्रामा और मनोरंजन बंद था, लेकिन यह फिर से इन लोगों ने शुरू कर दिया है। उनका झंडा भी बदल गया है। ठाकरे ने कहा कि पार्टी हमेशा से असल हिंदुत्व की पक्षधर रही है।












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