महाराष्ट्र सरकार बकाया ई-चालान को लेकर केंद्र से मांगी ये मंजूरी, जाने डिटेल
महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह बकाया ई-चालान को वाहन चालकों के बैंक खातों से जोड़ने की योजना को मंजूरी दे।
राज्य का लक्ष्य 42.89 मिलियन यातायात उलंघन तोड़ने वालों से बकाया जुर्माने के रूप में 2,429 करोड़ रुपये वसूलना है। जनवरी 2019 में ई-चालान लागू करने के बावजूद, पिछले पांच वर्षों में केवल 35 प्रतिशत जुर्माना वसूला गया है।

जुर्माना वसूली के लिए बैंक खातों को लिंक करना
राज्य सरकार द्वारा इन जुर्मानों को वसूलने के लिए किए गए कई प्रयास विफल रहे हैं। इस कारण परिवहन विभाग ने ई-चालान को फास्टैग और मोटर बीमा भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों से जोड़ने की अनुमति मांगी है। इससे मोटर चालकों द्वारा अपने फास्टैग को टॉप-अप करने या वाहन बीमा के लिए भुगतान करने पर स्वचालित रूप से जुर्माना वसूला जा सकेगा।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मौजूदा भुगतान प्रणालियों के साथ इसे एकीकृत करके जुर्माना वसूली को सुव्यवस्थित करना है। इस पद्धति से बकाया जुर्माने की वसूली दर में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।
ओडिशा की ऐसी ही पहल
महाराष्ट्र का प्रस्ताव अभूतपूर्व नहीं है। 2023 में, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (SCCoRS) ने सुझाव दिया था कि अगर उल्लंघनकर्ता एक निश्चित समय सीमा के भीतर भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो ओडिशा सीधे उनके बैंक खातों से जुर्माना वसूल करेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, SCCoRS के सचिव संजय मित्तल ने ओडिशा सरकार और पुलिस को जुर्माना संग्रह दरों को बढ़ाने के लिए बैंकों के साथ इस ऑटो-डेबिट सिस्टम पर चर्चा करने की सलाह दी।
यह सिफारिश इस बात पर गौर करने के बाद की गई कि ओडिशा में जारी किए गए ई-चालानों में से केवल 27 प्रतिशत के परिणामस्वरूप जुर्माना अदा किया गया, तथा कई मामले अदालत में चले गए।












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