महाराष्ट्र सरकार किसानों के लिए संचालित कर रही नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना, जानें उद्देश्य
Nanaji Deshmukh Krishi Sanjeevani Project: महाराष्ट्र सरकार किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालिक और टिकाऊ उपाय के लिए लगातार प्रयासरत है। महाराष्ट्र सरकार और विश्व बैंक द्वारा नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना (POCRA) ऐसी ही योजना चलाई जा रही है।
कृषि विभाग के द्वारा संचालित की जा रही इस योजना को कृषि क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालिक और टिकाऊ उपाय के रूप में सूखा-रोधी और जलवायु-लचीली रणनीति विकसित करने के लिए किया गया था। ताकि परिवर्तनशीलता और जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों से निपटा जा सके। वहीं अब सरकार परियोजना की कार्यान्वयन रणनीतियों की गहन समीक्षा करने की योजना बना रही है।

परियोजना का उद्देश्य
कृषि उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ाने के लिए POCRA की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य जल की कमी और मिट्टी के क्षरण जैसे मुद्दों को संबोधित करना था। अब तक कई किसानों को परियोजना की पहल से लाभ नहीं मिला है।
योजना को लेकर क्या हैं संभावनाएं
POCRA योजना अपने उद्देश्य में बेहतर निगरानी और न्यायसंगत निधि वितरण के साथ सफल हो सकती है। ये परियोजना महाराष्ट्र में कृषि प्रथाओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है लेकिन किसान भविष्य में बेहतर समर्थन प्राप्त करने के बारे में आशावादी हैं।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
कुछ रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के तहत अमरावती, अकोला और बुलढाणा जिलों को अधिकांश धनराशि प्राप्त हुई। जिससे वहां के किसान लाभांन्वित हुए। वहीं अब इस योजना का लाभ राज्य के अन्य क्षेत्रों के किसानों को मिले इस पर प्रदेश सरकार फोकस कर रही है।












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