महाराष्ट्र चुनाव से पहले पूर्व मंत्री अनीस अहमद ने कांग्रेस में की वापसी, 5 दिन पहले VBA से भरा था नामांकन
Maharashtra Elections 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन पूर्व मंत्री और तीन बार के पूर्व विधायक अनीस अहमद ने कांग्रेस पार्टी छोड़कर प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी ज्वॉइन कर बड़ा झटका दिया था। वहीं अनीस अहमद पलटी मारते हुए शनिवार को दोबारा कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
बता दें 28 अक्टूबर को पूर्व मंत्री अनीस अहमद ने कांग्रेस छोड़ दी थी और उन्होंने प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी के टिकट पर नागपुरा सेंट्रल से नामांकन दाखिल किया था। वहीं बहुजन अघाड़ी में पांच दिन बिताने के बाद अब फिर से रिवर्स गेयर मार कर शनिवार को मुंबई में कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला की मौजूदगी में कांग्रेस में फिर से औपचारिक वापसी कर ली है।

बता दें अनीस अहमद, जो तीन बार विधायक रह चुके हैं और महाराष्ट्र में कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान कैबिनेट मंत्री थे,उन्होंने बीते 29 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से पहले कार्यालय पहुंचने के बावजूद उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति नहीं दी गई।
क्यों नाराज हुए थे अनीस अहमद
अनीस अहमद, जो कभी दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल के करीबी सहयोगी और गांधी परिवार के कट्टर वफादार थे, ने अपने पारंपरिक उत्तर नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें टिकट न दिए जाने पर कांग्रेस से असंतोष व्यक्त किया था, यह क्षेत्र मुस्लिम और हलबा समुदाय के वोटों के मामले में काफी बड़ा है।
अनिस अहमद जी पूर्व में मंत्री रह चुके हैं और कई बार विधायक रहे हैं।
हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि अनिस अहमद जी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी श्री @chennithala pic.twitter.com/WcVS2YYKLE
— Congress (@INCIndia) November 2, 2024
कांग्रेस ने नागपुर नार्थ से बंटी शेलके को बनाया है उम्मीदवार
कांग्रेस पार्टी ने उत्तर नागपुर सीट से युवा नेता बंटी शेलके को टिकट देने का फैसला किया है, जो 2019 के विधानसभा चुनाव में अनीस अहमद के मुकाबले दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं, भाजपा ने तीन बार के विधायक विकास कुंभारे की जगह युवा नेता प्रवीण दटके को मैदान में उतारा है।
कांग्रेस में वापसी करते हुए अनीस अहमद ने गांधी परिवार के प्रति अपनी वफादारी और पार्टी के साथ अपने लंबे समय से जुड़े होने की बात कही। उन्होंने शुरुआत में मुस्लिम और हलबा समुदायों के काफी मतदाता आधार वाले निर्वाचन क्षेत्र से टिकट न मिलने पर अपनी हताशा के कारण पार्टी छोड़ दी थी।












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