पांच बड़ी वजहें जिसके कारण अजीत पवार को NCP प्रमुख शरद पवार ने दिखाया ठेंगा
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे को क्यों नहीं दी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी, आइए जानते हैं वो पांच बड़ी वजहें
NCP प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए अपनी सांसद बेटी सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। शरद पवार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव से पहले इन दोनों को एनसीपी में कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप कर उनका कद बढ़ा दिया है।
शरद पवार का ये फैसला उनके भतीजे और एनसीपी के कद्दावर नेता अजीत पवार के लिए बड़ा झटका है क्योंकि वो लंबे समय से इस पद की आस लगाए हुए बैठे थे और एनसीपी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे। आइए जानते हैं वो पांच कारण जिसकी वजह से शरद पवार ने अपने परिवार के ही बेटे अजित पवार को ठेंगा दिखा दिया है ?

अजित पवार जिनका नाम शरद पवार के बाद पार्टी में आता है और वो ही अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार थे लेकिन कई ऐसे मौके आए जब अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी की। जिसके कारण पार्टी की कमान शरद पवार ने अजित पवार को नहीं सौंपी।
पहली बार 2019 के महाराष्ट्र चुनाव के बाद जब मुख्यमंत्री पद की जिद के कारण शिवसेना ने भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था तब अचानक से रातों-रात अजित पवार ही थे जिन्होंने भाजपा से हाथ मिलाकर शरद पवार के साथ विश्वास घात किया था। हालांकि राजनीतिक के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार ने ऐसा पासा फेंका था जिसके बाद अजित पवार पटली मार गए थे। जिसके बाद उन्हें महाअघाडी गठबंधन की महाराष्ट्र की सरकार में उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर शरद पवार ने बैठाया था।
शरद पवार की अजित पवार से बढ़ती गई दूरियां
वहीं अभी दो महीने पहले अजित पवार के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि अजित पवार ने सिरे से नकार दिया था और कहा था कि वो एनसीपी में थे और एनसपी में ही रहेंगे। अजित पवार के भाजपा के साथ अपने कुछ विधायकों के साथ हाथ मिलाने की जो अटकलें लगाई जा रही थी, इस बातों ने भी शरद पवार के मन को घट्टा किया और अजित पवार ने अपने चाचा का विश्वास खो दिया।
शरद पवार के इस्तीफे पर भतीजे अजित ने दिया था ये रिएक्शन
महाराष्ट्र एनसीपी में अजित पवार के कारण दो फाड़ होने की भनक लगते ही एनसीपी अध्यक्ष ने अचानक अपनी पार्टी को बचाने और एकजुट करने लिए सबको चौंकाते हुए मई महीने में अध्यक्ष पद से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। जिसके बाद एनसीपी के कार्यकर्ता और नेता पवार के इस फैसले से नाराज और भावुक हो गए और उन्हें मनाने में जुट गए थे।
वहीं अजित पवार ही एक नेता थे जिन्होंने शरद पवार के इस्तीफे का समर्थन किया और अन्य नेताओं को इसका समर्थन करने को भी कहा था। हालांकि एनसीपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के मनाने के बाद शरद पवार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था और ये साबित कर दिया था कि पार्टी अजित पवार नहीं उनके दम पर है।
सुप्रिया सुले शरद पवार की उत्तराधिकारी
शरद पवार अपने बाद अपनी बेटी सुप्रिया को एनसीपी का उत्तराधिकारी बनाना चाहते हैं। आगामी कई राज्यों के चुनावों और लोकसभा चुनाव से पहले सुले को पार्टी का नया कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, ताकी वो अपने सामने अपनी बेटी को अपनी पार्टी की कमान पूरी तरह से सौंप सके। पवार के फैसले का सम्मान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी करेंगे।
प्रफुल्ल पटेल बनाम अजित पवार
प्रफुल्ल पटेल जो कि एनसीपी के कद्दावर नेता है और एनसीपी के सबसे वफादार नेताओं में गिने जाते हैं। इतना ही नहीं शरद पवार के भी काफी करीबी भी हैं। भतीजे अजित पवार के साथ शरद पवार के ऐसे ही कुछ कटु अनुभव भी ऐसे रहे जिसके कारण उन्हें अपने सगे भतीजे से ज्यादा प्रफुल्ल पटेल पर विश्वास है। अनुभवी और वयोवृद्ध राजनेता शरद पवार को ये अच्छे से मालूम है कि उनके बाद उनकी पार्टी को कौन शीर्ष पर बनाएं रखने का दम रखता है।
अजित को कार्यकारी अध्यक्ष क्यों नहीं बनाया, जानें क्या बोले शरद पवार
हालांकि शरद पवार ने अजित पवार और जयंत पाटिल को अध्यक्ष पद की कमान नहीं सौंपे जाने के सवाल का जवाब देते हुए कहा जयंत पाटिल महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष हैं और अजित पवार नेता विपक्ष के नेता की भूमिका में और उनके पास विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी है । वहीं सु्प्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल के पास कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं थी इसलिए उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने ये भी दावा किया कि मेरे इस फैसले से सभी सहमत हैं।












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