Video: 'फायर ब्रिगेड ने फोन का जवाब दिया होता तो..', गोरेगांव अग्निकांड पर क्या बोले प्रत्यक्षदर्शी, सुनिए
Goregaon Fire Incident: मुंबई के गोरेगांव में आज तड़के भीषण आग लग गई। भीषण आग में 7 लोगों की मौत हो गई। गोरेगांव स्थित जय भवानी बिल्डिंग में आग लगी थी। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह एक उच्च स्तरीय पैनल बनाएगी, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
इस बीच एक चश्मदीद ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि सूचना मिलेत ही अगर फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत पहुंच जाती तो इतने लोगों की जानें नहीं जातीं। उन्होंने कहा कि सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर उन्हें कॉल की गई थी, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। अगर वो उस वक्त जवाब देकर तुरंत पहुंच जाती तो बहुत लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

प्रत्यक्षदर्शी मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि जब वह सो रहे थे तो उन्होंने रात 2:45 बजे आग देखी। उन्होंने कहा कि घटना रात 2:30 बजे से 3 बजे के बीच हुई है। मैं रात करीब 1:30 बजे एक पार्टी से लौटा था और सो रहा था। अचानक, लगभग 2:45 बजे मुझे जलने की गंध महसूस हुई। मैं उठा और सबसे पहले अपने कमरे की तलाशी ली।
इसके बाद अपने भाई को उठाया। जैसे ही नीचे आया तो हवा में धुआं उठते देखा। हमने फायर ब्रिगेड को 3:06 बजे कॉल की, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर वे सतर्क होते तो इतना नुकसान नहीं होता। लेकिन पुलिस समय पर पहुंच गई थी। मंजर बहुत खतरनाक था। लोग चिल्ला रहे थे। बचाओ-बचाओ, हेल्प मी-हेल्प मी।
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एक अन्य चश्मदीद ने पीटीआई को बताया कि उन्हें किडनी की बीमारी है। वे सांस नहीं ले पा रही थी। खिड़की से बाहर कूदने का सोच रही थी। मेरे परिवार वाले मेरे बारे में बहुत चिंतित हो रहे थे। मैं जोर-जोर से सांस ले रही थी। गनीमत है कि फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई और परिवार को बचा लिया।
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