Badlapur encounter cंase: अक्षय शिंदे के पिता को बेटे का शव दफनाने के लिए नहीं मिली जगह, पहुंचे कोर्ट
Badlapur Akshay Shinde encounter case: बदलापुर के स्कूल में दो बच्चियों का यौन शोषण करने के आरोपी अक्षय शिंदे की सोमवार को पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। अक्षय कुमार जिनकी कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी उसके शव को दफनाने के लिए उसके मां-बाप दर-दर भटक रहे हैं।
वहीं अब मृतक अक्षय कुमार के पिता ने अपने बेटे के शव को दफनाने के लिए जगह मांग के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह याचिका न्यायाधीश रवती मोहित डेरे और एम. एम. सथाये की खंडपीठ के समक्ष रखी गई, जिस पर कोर्ट ने सकमति जताई थी।

24 वर्षीय शिंदे को पिछले महीने ठाणे जिले के बदलापुर में एक स्कूल में दो नाबालिगों से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटना के वक्त उन्हें तलोजा जेल से बदलापुर ले जाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि शिंदे ने एक अधिकारी से बंदूक छीन ली, जिससे सोमवार शाम मुंब्रा बाईपास के पास हुई जवाबी गोलियों में उनकी मौत हो गई।
शिंदे के पिता ने एक याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया और घटना की उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच का अनुरोध किया है। बुधवार को, न्यायाधीश डेरे की पीठ ने घटना के बारे में सवाल उठाए, निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि स्थिति से बचा जा सकता था।
शिंदे के परिवार ने कहा है कि वह दाह संस्कार के बजाय दफनाया जाना चाहता है। हालांकि, स्थानीय निवासियों और संगठनों के विरोध के कारण उन्हें दफनाने की जगह सुरक्षित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका शव वर्तमान में ठाणे के कलवा क्षेत्र के एक शवगृह में रखा हुआ है।
शिंदे परिवार के वकील अमित कटर्णावरे ने एक मराठी समाचार चैनल पर बताया कि दफनाने के संबंध में संवैधानिक अधिकार मौजूद हैं और वे इन अधिकारों के लिए उच्च न्यायालय से सुरक्षा मांगेंगे।












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