"उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए", पत्नी अमृता पर कन्हैया कुमार के 'रील्स' वाले तंज पर भड़के देवेंद्र फडणवीस
Maharashtra Assembly Election 2024: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो चुकी है। नागपुर पश्चिम सीट से लगातार छठीं बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे उपमुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने टिप्पणी की। जिसके बाद बवाल बढ़ चुका है। अब देवेंद्र फडणवीस ने कन्हैया कुमार की टिप्पणी पर नाराजगी जताते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
बता दें गुरुवार को नागपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने फडणवीस के धर्म युद्ध वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा था उनकी पत्नी तो रील्स बनाने में व्यस्त हैं। चुनाव प्रचार के दौरान कन्हैया द्वारा पत्नी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी पर फडणवीस आगबबूला हो चुके हैं।

मीडिया से बात करते हुए शुक्रवार को डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा पिछले पांच सालों से उन पर हमले हो रहे हैं, खास तौर पर महास अघाड़ी की तरफ से, जो उनके खिलाफ नफरत का अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा इन चुनौतियों के बावजूद, पिछले 2.5 सालों से गृह मंत्री के तौर पर काम कर रहा फडणवीस अडिग हैं और उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता।
अपने और अपने परिवार के खिलाफ की गई आलोचनाओं के मद्देनजर फडणवीस ने कहा, "उन्हें एक महिला पर इस तरह के घृणित व्यक्तिगत हमले करने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए। वे केवल देवेंद्र फडणवीस को हराना चाहते थे। हालांकि, मेरे ट्रैक रिकॉर्ड के कारण, यह मेरे पक्ष में काम आया। लोगों को एहसास हुआ कि मेरे साथ गलत हो रहा है, मुझे निशाना बनाया जा रहा है, और उन्होंने सहानुभूति व्यक्त की!"
महाराष्ट्र के नागपुर में एक जनसभा के दौरान कन्हैया कुमार ने फडणवीस दंपति की तीखी आलोचना की और इस बात पर जोर दिया कि धर्म की रक्षा की जिम्मेदारी सभी पर है, न कि केवल आम लोगों पर। उन्होंने तर्क दिया, "जब वे धर्म की रक्षा की बात करते हैं, तो जिम्मेदारी सभी की होनी चाहिए। यह अस्वीकार्य है कि हम धर्म की रक्षा कर रहे हैं और उपमुख्यमंत्री की पत्नी रील बनाने में व्यस्त हैं।"
फडणवीस ने 'वोट जिहाद' की कहानी पर भी बात की और कहा कि उनके ज़्यादातर भाषण विकास पर केंद्रित होते हैं। उन्होंने कहा "मेरे 95% भाषण विकास पर आधारित होते हैं। बाकी 5% जवाब होते हैं। मैं विपक्ष द्वारा बनाए गए हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव का विरोध करता हूं।"
इसके साथ ही देवेंद फडणवीस ने कांग्रेस पर मुस्लिम आरोपियों को रिहा करने की उलेमा काउंसिल की मांग का समर्थन करने का आरोप लगाया, जिसके बारे में उनका मानना है कि पिछले एक दशक में महाराष्ट्र में सांप्रदायिक नैरेटिव को बढ़ावा मिला है। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव को स्थापित करने के लिए इस रणनीति का इस्तेमाल किया जाता है।












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