महाराष्ट्र में महाअघाड़ी गठबंधन में टूट! क्या कांग्रेस अकेले दम पर लड़ेगी निकाय चुनाव? मिले संकेत
Maharashtra local body elections: महाराष्ट्र में जल्द ही निकाय चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले विपक्ष महाअघाड़ी गठबंधन में बड़ी टूट नजर आ रही है। बीस साल बाद एक मंच पर आए ठाकरे ब्रदर्स के विजय रैली कार्यक्रम से कांग्रेस ने दूरी बनाए रखी। जिसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी की रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लगातार सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस महाराष्ट्र निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी?
इन सभी सवालों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में नए बदलाव के संकेत दिए हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने ऐसा बयान दिए है जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि महाराष्ट्र का आगामी निकाय चुनाव कांग्रेस अकेले दम पर लड़ सकती है।

मीडिया को दिए इंटरव्यू में चव्हाण ने कहा, "कांग्रेस पार्टी का रुख यह है कि हमारा गठबंधन हमारे इंडिया गठबंधन के सहयोगियों - शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) के साथ है। अगर वे किसी अन्य पार्टी, समान विचारधारा वाली पार्टी के साथ उप-गठबंधन करना चाहते हैं, तो यह उनका मामला है।"
क्या है राज ठाकरे वजह?
पृथ्वीराज चव्हाण ने राज ठाकरे की तरफ इशारा करते हुए कहा, ''अगर गठबंधन के साथी ऐसे लोगों के साथ गठबंधन करना चाहते हैं जो मूल रूप से कांग्रेस की विचारधारा, धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा और अंबेडकर ने संविधान में जो लिखा है उसकी विचारधारा का विरोध करते हैं, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।''
पृथ्वीराज चव्हाण बोले- तो आश्चर्य नहीं होगा
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि पहले भी हमने स्थानीय निकाय चुनाव अलग से लड़े हैं, और मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर कांग्रेस पार्टी निकाय (समिति) मुंबई, पुणे, नागपुर के चुनावों के लिए अलग से जाने का फैसला करती है।
कांग्रेस और ठाकरे परिवार
गौरतलब है कि 5 जुलाई को शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे लगभग 20 साल बाद एक मंच पर साथ दिखाई दिए थे। इस मौके पर एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं, लेकिन कांग्रेस ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। कांग्रेस और एमएनएस के बीच पुरानी अदावत रही है। इसके बाद एमएनएस के एक मार्च में भी कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल नहीं हुए, जबकि एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए थे।
राज ठाकरे की एंट्री से महाविकास अघाड़ी में टूट
बता दें कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) महाविकास अघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा हैं। तीनों पार्टियों ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़े थे, लेकिन अब राज ठाकरे की एंट्री ने एमवीए के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कौन हैं प्रताप सरनाईक? महाराष्ट्र के वो मंत्री जिन्होंने मराठी मोर्चे पर फडणवीस सरकार के खिलाफ छेड़ी जंग












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