CID करेगी 125 घंटे रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव की जांच, पूर्व सीएम फडणवीस ने लगाए हैं गंभीर आरोप
मुंबई, 14 मार्च। महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के आरोपों की जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी है। राज्य के गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा है कि बीजेपी की ओर से सबूत के तौर पर पेश किए गए स्टिंग ऑपरेशन की जांच की जाएगी। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति का समर्थन करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वहीं पूर्व सीएम ने विधानसभा उपाध्यक्ष को 125 की वीडियो रिकॉर्डिंग भेजकर मामले की जांच केंद्रीय अंवेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की थी।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम फडणवीस ने गत आठ मार्च को विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को 'सबूत' के तौर पर एक पेन ड्राइव दिया था। फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने दावा किया था कि पेन ड्राइव में 125 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस और महा विकास आघाडी गठबंधन के सदस्यों ने प्रवीण चव्हाण के कार्यालय में भाजपा नेताओं को गलत तरीके से फंसाने की साजिश रची है। मामले की जांच फडणवीस ने सीबीआई (CBI) से कराने की मांग की थी। पुलिस ने इस संबंध में फडणवीस को नोटिस भी जारी किया था। जिसके बाद रविवार को महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया और नोटिस की प्रतियां भी जलाई थीं।
गृहमंत्री ने कहा जांच जरूरी, तो संजय राउत बोले फो टैपिंग वैध नहीं
पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के आरोपों के बाद महा विकास अघाड़ी की गठबंधन सरकार में खलबली मची है। सरकार अपनी साख को बनाए रखने के लिए आरोपों को नकारती आर रही है। हलांकि कथित ऑडियो की सत्यता की जांच किए बिना वैध नहीं माना जा सकता। वहीं राज्य के गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा है कि प्रवीण चव्हाण ने कहा है कि इस स्टिंग ऑपरेशन की जांच आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ने का प्रश्न नहीं है। पाटिल ने कहा कि विशेष लोक अभियोजक के पद से प्रवीण चव्हाण इस्तीफा दे चुके हैं। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि इस कथित फोन टैपिंग को वैध नहीं माना जा सकता है। लोकतंत्र में किसी के लिए कोई विशेष अधिकार नहीं हैं। कानून की दृष्टि में सभी बराबर हैं।












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