छ्गन भुजबल को मंत्री बनाकर महायुति सरकार ने एक साथ साधे कई निशाने
Chhagan Bhujbal: महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो चुके हैं। मंगलवार को भुजबल ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अनुभवी नेता भुजबल मंत्री बनने के बाद सुर्खियों में छाए हुए हैं। इसकी वजह है कि 77 साल की उम्र में छगन भुजबल ने एक बार फिर महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री पद ग्रहण किया है।
धनंजय मुंडे की जगह छगन भुजबल को फडणवीस मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। देवेंद्र फडणवीस की शुरुआती कैबिनेट में मंत्रियों की सूची से छगन गायब थे लेकिन अब जब उन्हें महाराष्ट्र मंत्रीमंडल में शामिल कर लिया गया तो सवाल उठ रहा है कि आखिर अचानक फडणवीस सरकार ने क्यों ये फैसला किया?

दरअसल, महाराष्ट्र कैबिनेट में वापसी छगन भुजबल के स्थायी प्रभाव और एनसीपी तथा महायुति गठबंधन के लिए उनके नेतृत्व के रणनीतिक महत्व का प्रमाण है। याद रहे छह महीने पहले महायुति सरकार के सत्ता में आने के बाद से मंत्री पद से वंचित होने के बावजूद जाति जनगणना के लिए उनकी वकालत और भारत में ओबीसी आबादी की आबादी की जातिगत जनगणना के आह्वान ने उनकी स्थिति को मजबूत कर दिया। ऐसे मे महायुति के लिए उन्हें नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा था। हालांकि महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने छगन भुजबल के बहाने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। आइए जानते हैं कैसे?
छ्गन भुजबल की नाराजगी को दूर करना इसलिए जरूरी था क्योंकि ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) वोट बैंक को सुरक्षित करना है। महाराष्ट्र की महायुति सरकार उन्हें धनंजय मुंडे की जगह एक मजबूत ओबीसी चेहरे के रूप में छगन भुजबल को देख रही है।
ओबीसी वोट बैंक का समर्थन
छगन भुजबल का मराठवाड़ा और नार्थ महाराष्ट्र के ग्रमीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़ है। ओबीसी समुदाय की आवाज बन चुके छगन भुजबल का ओबीसी नेताओं का मजबूत समर्थन हासिल है। छगन भुजबल को शामिल करके नाराज ओबीसी समुदाय को महायुति सरकार ने खुश कर दिया है। जिसका लाभ भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन को मिल सकता है।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव
महाराष्ट्र में अब जल्द ही निकाय चुनाव होने वाले हैं ऐसे में छगन भुजबल का महायुति सरकार में मंत्री बनाया जाना इस चुनाव के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसकी वजह है कि नार्थ महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नाशिक, मुंबई समेत अन्य क्षेत्रों और स्थानीय नेताओं पर छगन भुजबल की मजबूत पकड़ है। महायुति सरकार में शामिल होने से से मालेगांव, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर समेत अन्य कई निकायों में महायुति को फायदा मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बने NCP नेता छगन भुजबल, कौन सा संभालेंगे मंंत्रालय?
छगन की स्थानीय, सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़
महाराष्ट्र की राजनीति के धुंरधर खिलाड़ी छगन भुजबल की स्थानीय और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ है। ऐसे में आगामी महानगरपालिका और निकास चुनाव और जिला परिषद के चुनावों में विपक्षी पार्टियों को छगन भुजबल बेहरतर तरीके से घेर कर सकते है। ऐसे में आगामी चुनाव में छगन भुजबल महायुति के लिए बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में लड़की बहिन योजना की लाभार्थियों को मिलेगा लोन, जानिए हर डिटेल
छ्गन भुजबल के अनुभव का फायदा
शुरूआत में फल विक्रेता रहे छगन भुजबल ने बाल ठाकरे के मार्गदर्शन में राजनीति की सीढ़ियां चढ़ी, शरद पवार जैसे दिग्गज नेता के करीबी रहे छगन महाराष्ट्र की पिछली सरकारों में मंत्री और उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनके पास बेहतरीन अनुभव है जिसका लाभ फडणवीस सरकार को रणनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों में मिल सकता है।
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