US Iran Peace Deal: खत्म होगा मिडिल ईस्ट संकट? 14 जून को होगी ईरान-अमेरिका में डील!
US Iran Peace: पिछले कई महीनों से पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तबाही मचाने वाली और वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख देने वाली अमेरिका-ईरान जंग (US-Iran War) आखिरकार खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस ऐतिहासिक शांति समझौते पर रविवार, 14 जून को ही हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते पर दस्तखत होते ही सबसे व्यस्त समुद्री व्यापारिक रास्ता यानी 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पूरी दुनिया के जहाजों के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।

ट्रंप का यह बड़ा बयान मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के उस दावे के ठीक कुछ घंटे बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत बिल्कुल आखिरी चरण में है और अगले 24 घंटे के भीतर समझौते पर मुहर लग जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर किया बड़ा एलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर शनिवार को एक पोस्ट के जरिए इस बड़ी कामयाबी की उम्मीद जताई। डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, शेड्यूल के मुताबिक इस समझौते पर कल (रविवार) हस्ताक्षर होने तय हुए हैं। जैसे ही इस शांति समझौते पर दोनों देश दस्तखत करेंगे, उसके तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोल दिया जाएगा और यह 'ओपन टू ऑल' (सबके लिए खुला) होगा।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब महज कुछ ही समय पहले ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमलों और समुद्री नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी तनाव बना हुआ था। इस शांति समझौते की खबर से वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की सप्लाई चेन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ईरान का 'वेट एंड वॉच' रुख: कहा-'कल नहीं होगा समझौता'
एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इस बात को लेकर आश्वस्त दिखे कि रविवार को ही जंग पर पूर्णविराम लग जाएगा, वहीं दूसरी तरफ ईरान के सुर थोड़े अलग नजर आए। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय ने फिलहाल जल्दबाजी में कोई भी बड़ा दावा करने से परहेज किया है।
पाकिस्तान के 24 घंटे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अभी अंतिम तारीख तय होना बाकी है, हालांकि यह समझौता रविवार को तो बिल्कुल नहीं होने जा रहा है। यानी ईरान समय को लेकर थोड़ा और वक्त चाहता है। इससे पहले शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा था कि आने वाले कुछ दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
महीनों की जंग और नाकेबंदी के बाद समझौते की राह
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को दोनों देशों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था, जिसके बाद से लगातार एक लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते (Long-term Peace Agreement) को लेकर हफ्तों से बातचीत चल रही थी। इस दौरान कई बार उतार-चढ़ाव आए और बातचीत टूटने की कगार पर भी पहुंची।
राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी कई बार दावा कर चुके थे कि समझौता बेहद करीब है, लेकिन अंदरूनी शर्तों और होर्मुज जलमार्ग की नाकेबंदी हटाने को लेकर पेंच फंसा हुआ था। हाल ही में इस रणनीतिक जलमार्ग के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हुए ताजा हमलों के बावजूद मध्यस्थ देशों के कूटनीतिक प्रयासों के कारण दोनों महाशक्तियां आखिरकार इस युद्ध को खत्म करने की टेबल पर आने को राजी हुई हैं।














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