वालकेश्वर में मछलियों की मौत, धार्मिक अनुष्ठान के लिए BMC बनाएगी कृत्रिम तालाब
मुंबई, 10 अक्टूबर। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संकट के बीच त्योहारों की धूम है। पिछले महीने गणेश चतूर्थी के बाद अब नवरात्र के लिए धार्मिक स्थानो पर लोगों पूजा-पाठ कर रहे हैं। इस बीच श्राद्ध के दौरान किए गए अनुष्ठान की वजह से महाराष्ट्र के मशहूर वालकेश्वर मंदिर के ताल में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत पर मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने दुख जताते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान के लिए एक कृत्रिम तालाब बनाया जाएगा।

मुंबई के वालकेश्वर मंदिर के सामने बाणगंगा (बाण से प्रकट हुई गंगा) कुंड के पानी को बहुत पवित्र माना जाता है। अपने पूर्वजों की मुक्ति और पूजा-पाठ के लिए लोग श्राद्ध के समय यहीं धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस साल भी वालकेश्वर में पूजा की गई जिससे पानी दूषित होने के चलते कई मछलियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद मुंबई नगर निगम बीएमसी ने अगले साल से धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए एक कृत्रिम तालाब बनाने का फैसला किया है।
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मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने श्राद्ध अनुष्ठान के बाद वालकेश्वर में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत पर बोलते हुए कहा, बीएमसी एक कृत्रिम तालाब बनाने की योजना बना रही है ताकि जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे। मानव निर्मित तालाब से प्राकृतिक जलीय जंतुओं का जीवन खतरे में नहीं होगा। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के बाद महाराष्ट्र में अब धार्मिक स्थानों को खोला गया है। हालांकि त्योहारों के लिए सरकार समय-समय पर गाइडलाइन जारी करती रहती है।
गौरतलब है कि बाणगंगा टैंक में हजारों मृत मछलियां मिली हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हर साल पितृ पक्ष खत्म होने पर प्रसाद (पिंड) के चलते उत्पन्न प्रदूषण से मछलियां मर जाती हैं। मछलियों को बचाने के लिए वर्षों से बीएमसी गंदा पानी बाहर निकालने व टैंक साफ करने के लिए लोगों की तैनाती कर रही है।












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