BMC Elections 2026: मुंबई में भाजपा-शिवसेना या ठाकरे बंधु किसकी होगी जीत? सर्वे में आए चौंकाने वाले नतीजे
BMC Elections 2026: महाराष्ट्र में बृहद मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव 15 जनवरी को होने जा रहे हैं। खास बात यह है कि लगभग एक दशक बाद मुंबई के इस महत्वपूर्ण निकाय के लिए मतदान होगा। चुनाव आयोग ने मतदान के अगले ही दिन यानी 16 जनवरी को नतीजों का ऐलान करने की घोषणा की है। चुनाव से ठीक पहले सामने आए एक सर्वे ने कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

'असेंडिया' द्वारा बीएमसी चुनाव परिणाम को लेकर ताजा सर्वे किया गया है जिसमें इस बार शिवसेना (UBT) ओर राज ठाकरे का एमएनएस गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है वहीं भाजपा और शिंदे शिवसेना को तगड़ा झटका लग सकता है। यह सर्वेक्षण 25 दिसंबर को 'असेंडिया' द्वारा किया गया था।
पीएम मोदी का क्या चलेगा जादू?
महानगर में सुरक्षा और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर महिला मतदाता भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सर्वे में शामिल लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरों के चुनावी असर पर भी राय पूछी गई थी। इसमें 4 प्रतिशत महिलाओं, 4 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं, 2 प्रतिशत मराठी भाषी और 4 प्रतिशत अन्य वर्ग के लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे सिर्फ पार्षद के कामकाज के आधार पर अपना वोट डालेंगे, नेताओं के चेहरों पर नहीं।
मुस्लिम वोटर किसे देंगे वोट?
मुस्लिम मतदाताओं की बात करें तो सर्वे में उनकी अलग-अलग प्राथमिकताएं सामने आईं। 12 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने कहा कि वे उस पार्टी को वोट देंगे जो मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा करेगी। वहीं, 2 प्रतिशत मतदाताओं की राय थी कि वे ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, जो भाजपा को हराने की स्थिति में हो।
इसी सर्वे के अनुसार, 10 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के गठबंधन के पक्ष में दिखे, जबकि 11 प्रतिशत कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन का समर्थन करते पाए गए। हालांकि, इस महत्वपूर्ण वर्ग के 64 प्रतिशत मतदाताओं ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे उनकी प्राथमिकताएं अभी भी अस्पष्ट हैं।
महायुति के 68 उम्मीदवार अब तक निर्विरोध जीत चुके हैं
इन चुनावों में महायुति के 68 उम्मीदवार अब तक निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं। भाजपा नेता केशव उपाध्याय ने बताया कि राज्य भर में भाजपा और महायुति के कुल 68 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं। उन्होंने इसे शहरी स्थानीय निकायों में पार्टी की बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया।
इन निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में अकेले भाजपा के 44 प्रत्याशी शामिल हैं। इनमें भी सबसे अधिक संख्या ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम से है। हालांकि, शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का कहना है कि सत्ताधारी दल ने विपक्षी उम्मीदवारों को हटाने के लिए धनबल और धमकी का इस्तेमाल किया है।












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