BMC Voting Percentage: मुंबई समेत 29 नगर निगम में सुबह 11 बजे तक कितना रहा मतदान प्रतिशत
BMC Voting Percentage: महाराष्ट्र में गुरुवार, 15 जनवरी को नगर निकाय चुनावों के तहत 29 महानगरपालिकाओं में मतदान जारी है। इनमें देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे ताकतवर मानी जाने वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का चुनाव सबसे ज्यादा चर्चा में है।
इन चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है, क्योंकि दांव पर न सिर्फ स्थानीय सत्ता है, बल्कि आने वाले सालों की राज्य और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी मानी जा रही है। मतदान की प्रक्रिया शुरू होते ही मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे।

हालांकि, सुबह के शुरुआती घंटों में वोटिंग की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी नजर आई। ठंड और कार्यदिवस होने की वजह से कई इलाकों में मतदाता देर से घरों से निकलते दिखाई दिए।
BMC Voter Turnout: अब तक कितने प्रतिशत वोटिंग?
इन 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7:30 बजे से शुरू हुआ, जो शाम तक चलेगा। चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी। मतदान के पहले कुछ घंटों में वोटिंग की रफ्तार धीमी नजर आई, जिसे चुनाव अधिकारी शुरुआती समय से जोड़कर देख रहे हैं। मुंबई जैसे बड़े महानगर में शुरुआती घंटों में यह आंकड़ा सामान्य माना जा रहा है।
चुनाव आयोग की ओर से अब तक मिले आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11:30 बजे तक 17.73 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
- मुंबई (BMC): 6.98%
- ठाणे: 8%
- कल्याण-डोंबिवली: 7.21%
- वसई-विरार: 8.49%
- नासिक: 6.51%
- छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद): 7%
Vasai Virar Voting: वसई-विरार वोटिंग में सबसे आगे
ठाणे और वसई-विरार जैसे क्षेत्रों में शुरुआती घंटों में अपेक्षाकृत बेहतर मतदान देखने को मिला है, जबकि मुंबई में वोटिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। सुबह के शुरुआती रुझानों में वसई-विरार नगर निगम क्षेत्र सबसे आगे नजर आया, जहां अब तक 8.49 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है। इसके अलावा नासिक में 6.51 प्रतिशत और छत्रपति संभाजी नगर (पूर्व में औरंगाबाद) में 7 प्रतिशत मतदाता अपने मत डाल चुके हैं।
चुनाव अधिकारियों का कहना है कि सुबह के समय मतदान प्रतिशत आमतौर पर कम रहता है और जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है, इसमें तेजी आने की उम्मीद होती है। खासकर दोपहर और शाम के समय कामकाजी वर्ग तथा युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
BMC चुनाव पर क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें
BMC चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। इसका कारण है BMC का विशाल बजट, प्रशासनिक ताकत और मुंबई जैसे आर्थिक केंद्र पर नियंत्रण। यही वजह है कि बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), शिवसेना (UBT) और अन्य दल इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
दिन चढ़ने के साथ बढ़ने की उम्मीद
चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, मतदान प्रतिशत में इजाफा होगा, खासकर दोपहर और शाम के समय कामकाजी वर्ग और युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ सकती है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से वोटिंग कराई जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती धीमी रफ्तार के बाद मतदाता कितनी बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं और महाराष्ट्र के इन अहम नगर निगमों की सत्ता किसके हाथ जाती है।












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