BMC Election Result Exit Poll: BJP-शिंदे सेना को प्रचंड बहुमत, ठाकरे ब्रदर्स को झटका, हैरान करेगा एग्जिट पोल
BMC Election Result Exit Poll: मुंबई में 29 नगर निगमों के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई है, जिसमें देश की सबसे धनी निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) भी शामिल है। 15 जनवरी को बीएमसी चुनाव में मुंबई के वोटरों ने वोट कर 1,700 उम्मीदवारों के जीत हार का फैसला कर ईवीएम मशीन में बंद कर दिया है। मतदान समाप्त होते ही विभिन्न एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल के नतीजे जारी करने शुरू कर दिए हैं, जो चुनावी नतीजों की प्रारंभिक तस्वीर पेश करते हैं।
इन नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, 16 जनवरी को होने वाली मतगणना से पहले ही विभिन्न समीकरणों पर बहस छिड़ गई है। विभिन्न एग्जिट पोल एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में अधिकांश ने भाजपा-शिंदे गुट गठबंधन की जीत होने की भविष्यवाणी की है। प्रजा पोल का एग्जिट पोल भी महायुति के पक्ष में फैसला सुनाया है।

प्रजा पोल एनालिटिक्स का एग्जिट पोल
बीएमसी चुनाव में भाजपा + शिवसेना को 146 और ठाकरे बंधुओं +एनसीपी - 53 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है। वहीं कांग्रेस + वंचित - 15 सीटों पर जीतने की भविष्यवाणी की गई वहीं अन्य को 13 सीटें जीतने की भविष्यवाणी की है।
अन्य एग्जिट पोल में किसकी हो रही जीत?
हालांकि कुछ एग्जिट पोल एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल हो सकता है, जिससे त्रिशंकु परिषद की संभावना बढ़ गई है। भाजपा-शिंदे गुट गठबंधन और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी)-एनसीपी (शरद पवार गुट)-कांग्रेस महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
कुछ प्रमुख एग्जिट पोल अनुमानों की मानें तो भाजपा-शिंदे गठबंधन को लगभग 95-105 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महाविकास अघाड़ी 85-95 सीटों के साथ कड़ा मुकाबला दे रही है। इसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) लगभग 60-70 सीटें, कांग्रेस 20-25 सीटें और एनसीपी (शरद पवार गुट) 10-15 सीटें जीत सकती है। वहीं, अकेले भाजपा को 70-80 और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 20-25 सीटें मिलने की संभावना है।
अन्य दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी मुंबई में किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि उन्हें 15-20 सीटें मिलने का अनुमान है। इन 'अन्य' सीटों की भूमिका अंतिम नतीजों को तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रुझान दिखे हैं, जहां मराठी, गुजराती, उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय मतदाताओं ने अपनी पसंद के अनुसार मतदान किया है।












Click it and Unblock the Notifications